Jaunpur News: कविता में गूंजा माटी का दर्द, देर रात तक तालियों से गूंजा सभागार

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Jaunpur News: कविता में गूंजा माटी का दर्द, देर रात तक तालियों से गूंजा सभागार






पूर्व गृह राज्यमंत्री ने प्रवासियों की पीड़ा को कविता में पिरोया

राज्यमंत्री ने पत्रकारिता एवं साहित्य को समाज का दर्पण बताया

वरिष्ठ भाजपा नेता/समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह ने कार्यक्रम को सराहा

शुभांशू जायसवाल

जौनपुर। जौनपुर प्रेस क्लब के तत्वावधान में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह किया गया जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती सांस्कृतिक संध्या में साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक संवेदनाओं का अनुपम संगम देखने को मिला। दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुए समारोह में जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों, पत्रकारों और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता किया। देर रात तक गतिमान रहे इस कवि सम्मेलन में रससिद्ध कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावुकता, हास्य-व्यंग्य और देशभक्ति के विभिन्न रंगों से जोड़े रखा।


महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता कृपाशंकर सिंह ने प्रवासी जीवन की अव्यक्त वेदना और जन्मभूमि से जुड़े अटूट आत्मीय संबंधों को कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया। साथ ही कहा कि रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश में व्यक्ति भले ही देश-दुनिया के किसी भी कोने में पहुंच जाए, अपनी माटी, परिवार और जन्मस्थान की स्मृतियां उसके मन में सदैव जीवंत रहती हैं। प्रवासियों के कठोर संघर्ष और अपनी जन्मभूमि के प्रति नैतिक दायित्वों को रेखांकित करते हुए जब उन्होंने अपनी काव्य-पंक्तियां प्रस्तुत कीं तो पूरा सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान रहा।

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि साहित्य समाज की संवेदनाओं को जगाता है और पत्रकारिता जनसरोकारों को सामने लाने का सशक्त माध्यम है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए समाज को जागरूक करने का कार्य करते हैं। उन्होंने जौनपुर प्रेस क्लब द्वारा साहित्य और पत्रकारिता का सुंदर संगम बनाकर आयोजित किए गए कार्यक्रम की प्रशंसा किया।

भाजपा नेता एवं समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह ने जौनपुर की पावन धरा को नमन करते हुए कहा कि यह माटी साहित्य और कला की समृद्ध परंपरा के लिए जानी जाती है। ऐसे आयोजनों से साहित्यकारों और कवियों को एक सशक्त मंच मिलता है तथा नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति व विरासत से जुड़ने का अवसर प्राप्त होता है। राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में राजधानी लखनऊ से पधारे अतुल बाजपेई, प्रयागराज की धरती से पधारे व्यंगकार अखिलेश द्विवेदी, प्रतापगढ़ की धरती से पधारीं प्रीति पांडेय, स्थानीय कवियित्री विभा तिवारी, राष्ट्रीय कवि डॉ. प्रमोद वाचस्पति ने राष्ट्रीय हित में अपनी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं से खूब वाहवाही लूटी। इसी क्रम में मंचासीन अतिथियों ने क्लब अध्यक्ष शम्भू सिंह सोलंकी, महामन्त्री वीरेन्द्र प्रताप सिंह, संरक्षक राकेशकान्त पांडेय, शेषनाथ सिंह एडवोकेट, उपाध्यक्षद्वय लक्ष्मी नारायण यादव, दीपक सिंह, दीपक श्रीवास्तव, वरिष्ठ पदाधिकारी शीतला प्रसाद मौर्य, लक्ष्मी मौर्य, शशीकांत मौर्य, सरस सिंह सहित सभी पदाधिकारियों को बधाई दिया।

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