रबी की बुआई का समय नजदीक, खाद न मिलने से किसानों के माथे पर चिन्ता की लकीरें
तरुण चौबे
सुजानगंज, जौनपुर। स्थानीय विकास खंड क्षेत्र में डीएपी खाद की किल्लत से किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र की सहकारी समितियों पर डीएपी खाद उपलब्ध नहीं होने तथा समितियों के सचिवों के हड़ताल पर चले जाने से किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं। रबी की फसलों की बोआई का समय नजदीक आने के बावजूद खाद की समुचित व्यवस्था नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। वहीं संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा समस्या का संज्ञान नहीं लिए जाने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि गेहूं सहित अन्य रबी फसलों की बोआई की तैयारी शुरू हो चुकी है। ऐसे में डीएपी खाद की आवश्यकता है लेकिन सहकारी समितियों के चक्कर लगाने के बावजूद खाद नहीं मिल पा रही है। ऊपर से समितियों के सचिवों की हड़ताल ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
सौरभ तिवारी, मिंटू सिंह रामबरन जैसे कई किसानों का आरोप है कि हर वर्ष बोआई के समय खाद की किल्लत सामने आती है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समय रहते ठोस व्यवस्था नहीं कर पाते। किसानों को अपनी खेती-बाड़ी का काम छोड़कर खाद के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। यदि समय से खाद उपलब्ध नहीं हुई तो रबी की फसलों की बोआई प्रभावित होने की आशंका है। क्षेत्र के किसानों ने सवाल उठाया है कि जब सहकारी समितियों के सचिव हड़ताल पर हैं और समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है तो आखिर किसानों को खाद उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? संबंधित विभाग के अधिकारी किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर क्यों नहीं हैं?
क्षेत्रीय किसानों ने जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग किया कि सहकारी समितियों पर तत्काल पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सचिवों की हड़ताल के दौरान खाद वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही खाद की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसका सीधा असर रबी की बोआई पर पड़ सकता है। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग किसानों की इस गंभीर समस्या को लेकर कब तक ठोस कदम उठाता है? एआर बृजेश पाठक ने बताया सचिवो के हड़ताल की वजह से समस्या आ रही है सरकारी गोदाम के कोई भी सचिव अगर चाहे तो उर्वरक डाई ले सकते हैं। सचिवों के हड़ताल से ये समस्या बनी है सरकार के साथ विभाग हड़ताल पर सचिव लोगों के सम्पर्क में है।
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