Jaunpur News: विद्यार्थी नई तकनीकी सीखने की प्रवृत्ति रखें: कुलपति

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Jaunpur News: विद्यार्थी नई तकनीकी सीखने की प्रवृत्ति रखें: कुलपति


सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग पर विद्यार्थियों ने किया कुलपति के समक्ष प्रस्तुतीकरण

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कंप्यूटर अनुप्रयोग विभाग में कुलपति प्रो. आरके सिंह द्वारा पूर्व में किए गए विभागीय अवलोकन के क्रम में छात्रों के आग्रह पर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग विषय पर विशेष शैक्षणिक प्रस्तुतीकरण आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विषय की व्यावहारिक समझ प्रदान करने के साथ-साथ उनके तकनीकी ज्ञान, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता एवं प्रस्तुतीकरण कौशल को विकसित करना रहा। प्रस्तुतीकरण के दौरान विद्यार्थियों ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं को व्यावहारिक उदाहरणों एवं आधुनिक तकनीकी परिप्रेक्ष्य के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण सॉफ्टवेयर के विकास में योजनाबद्ध प्रक्रिया, तकनीकी दक्षता, उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं की समझ तथा विकास के विभिन्न चरणों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसी क्रम में बीसीए तृतीय वर्ष की छात्रा हर्षिता गुप्ता ने 'फ्लो ऑफ वेब डेवलपमेंट' विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने वेब डेवलपमेंट की संपूर्ण प्रक्रिया को विभिन्न चरणों के माध्यम से स्पष्ट करते हुए बताया कि किसी वेबसाइट की परिकल्पना से लेकर उसके विकास एवं उपयोगकर्ता तक पहुंचने की प्रक्रिया किस प्रकार आगे बढ़ती है। वहीं बीसीए के छात्र विशाल कुमार यादव ने 'फुल स्टैक डेवलपमेंट' विषय पर प्रभावी प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया। उन्होंने फ्रंटएंड, बैकएंड, डेटाबेस एवं सर्वर-साइड तकनीकों के बीच समन्वय को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। कुलपति प्रो. आरके सिंह ने दोनों प्रस्तुतियों का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों के प्रयास एवं प्रस्तुतीकरण कौशल की सराहना की। उन्होंने छात्रों को नवीनतम तकनीकों के प्रति निरंतर सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने, तकनीकी कौशल को मजबूत करने तथा अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक परियोजनाओं में प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की शिक्षा को वास्तविक तकनीकी दुनिया से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल ने विद्यार्थियों के उत्साह, परिश्रम एवं प्रस्तुतीकरण कौशल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तकनीकी दक्षता एवं नवाचार की भावना विकसित करने में सहायक हैं। कार्यक्रम में बीसीए कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. मिथिलेश कुमार पाण्डेय तथा पाठ्यक्रम के सहायक आचार्य प्रियंका जायसवाल, आदित्य कुमार एवं अवधेश कुमार यादव उपस्थित रहे।



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