इस्लाम सादगी एवं नियत की पाकीजगी का नाम, दिखावे से दूर रहें: मौलाना
जौनपुर। शहर के केरारकोट मोहल्ले में स्थित बलुआ घाट पर रबीउल अव्वल के मुकद्दस महीने पर अपनी पुरानी रिवायत को कायम रखते हुए जश्ने यौमुन्नबी व मदह सहाबा का अज़ीमुश्शान इजलास (जलसा) किया गया। यह कार्यक्रम अनवारूल हक की सरपरस्ती में हुआ जहां भारी संख्या में स्थानीय अकीदतमन्दों ने शिरकत किया।
जलसे के मुख्य वक्ता प्रख्यात आलिम मौलाना वसीम शेरवानी ने पैगम्बर-ए-इस्लाम की तालीमात पर रोशनी डाली। साथ ही कहा कि इस्लाम पूरी तरह सादगी से भरा हुआ मजहब है। इंसान के ईमान की मजबूती और उसके कर्मों का दारोमदार उसकी नियत पर निर्भर करता है, इसलिये हर मुसलमान को अपनी नीयत हमेशा साफ रखनी चाहिये। मौलाना शेरवानी ने समाज सुधार पर जोर देते हुये कहा कि हमें समाज को सही रास्ता दिखाने वाले काम करने चाहिये लेकिन इसमें किसी भी प्रकार का दिखावा या रियाकारी नहीं होनी चाहिये। दिखावे से नेक अमाल भी जाया हो जाते हैं। इस मौके पर विभिन्न अंजुमनों ने रसूल की शान में बेहतरीन नात रात भर पेश किया।
इस अवसर पर मरकजी सीरत कमेटी के अध्यक्ष ओबैदा शिराजी खान, सचिव इम्तियाज़ अहमद, शहजादे, शम्स तबरेज, राजा नवाब, रियाजुल हक, ताज मोहम्मद, एडवोकेट नूरुद्दीन मंसूरी, समाजसेवी अकरम मंसूरी, कमालुद्दीन अंसारी, अंसार इदरीसी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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