ग्रामीणांचल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रसार बना प्रेरणा का स्रोत
शुभांशू जायसवाल
जौनपुर। जनपद के केराकत क्षेत्र में स्थित माइक्रोटेक इंटरनेशनल स्कूल परिसर में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय गौरव, उमंग और देशभक्ति के पावन माहौल के साथ अत्यंत धूमधाम से मनाया गया। पूरा विद्यालय परिसर तिरंगे के रंगों से सजा हुआ था और छात्र-छात्राओं के चेहरों पर देश के प्रति प्रेम साफ झलकता दिखाई दे रहा था।
इस भव्य एवं गरिमामयी आयोजन की शुरुआत विद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. गौरव श्रीवास्तव द्वारा पूरे विधि-विधान और राष्ट्रगान की गूंज के बीच ध्वजारोहण के साथ की गई। तिरंगा फहराने के बाद सभी ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाकर अमर शहीदों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया।
ध्वजारोहण के तुरंत बाद विद्यालय के सभागार में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई जिसमें नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर वरिष्ठ विद्यार्थियों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना, सरस्वती वंदना और मनमोहक स्वागत गीत के साथ हुई। इसके उपरांत विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक भावपूर्ण और ऊर्जावान देशभक्ति गीत, नृत्य और प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किये जिन्होंने उपस्थित सभी दर्शकों को मंत्र—मुग्ध कर दिया। बच्चों की इन प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
मुख्य अतिथि एवं विद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. गौरव श्रीवास्तव ने अपने वक्तव्य में देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विशेष तौर पर विद्यालय के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. पंकज राजहंस के विजन और दूरदर्शिता की प्रशंसा किया। डॉ. श्रीवास्तव ने विस्तार से अपनी बात रखते हुए कहा कि ग्रामीण और पिछलड़े क्षेत्रों में इस प्रकार की उच्च स्तरीय, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करना वाकई बेहद काबिले तारीफ कदम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डॉ. पंकज राजहंस के कुशल मार्गदर्शन में यह विद्यालय ग्रामीण इलाकों के बच्चों को शहरी स्तर की बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध कराने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है जिससे यहाँ के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है।
इसी क्रम में स्कूल के मैनेजर नीरज राजहंस ने स्वतंत्रता दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर अपना विस्तृत और सारगर्भित वक्तव्य दिया। साथ ही देश की आजादी के संघर्ष, हमारे संविधान के मूल्यों और युवाओं की जिम्मेदारी पर गहराई से प्रकाश डाला। मैनेजर नीरज राजहंस ने कहा कि स्वतंत्रता केवल एक अधिकार नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति हमारे कर्तव्यों की भी याद दिलाती है। आज की युवा पीढ़ी को देश के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए और अपने नैतिक मूल्यों को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से भी आह्वान किया कि वे मिलकर बच्चों में देशभक्ति और अनुशासन की भावना को और अधिक सुदृढ़ करें।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में विद्यालय के विभिन्न वर्गों के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का परिचय दिया। नर्सरी कक्षा से माधव, विधान, विहान, रिद्धि पाल और अलतमस ने अपनी प्यारी प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। वहीं एलकेजी (LKG) वर्ग से अपर्णा, सृजा और सुरभि तथा यूकेजी (UKG) वर्ग से वंश राय, वसुधा पटेल, ऋषिका पाल, आरुष चौरसिया और सात्विक ने मंच पर अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज कराई। इन छोटे बच्चों की मासूमियत और उनकी प्रस्तुतियां समारोह का मुख्य आकर्षण रहीं जिन्हें उपस्थित सभी लोगों ने खूब सराहा।
इस पूरे भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक और कर्मचारियों का सक्रिय सहयोग रहा। इस अवसर पर दर्शना राय, शिवांगी सिंह, कशिश यादव, प्रियांशी सिंह, मुस्कान सिंह, उजाला, प्रिया राय, किरण पाल, राजू सरोज और मिथिलेश प्रजापति सहित तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। अंत में विद्यालय के शिक्षक शुभम श्रीवास्तव ने मंच संचालन की अपनी भूमिका को निभाते हुए पधारे हुए सभी मुख्य अतिथियों, प्रबंध तंत्र के सदस्यों, सम्मानित अभिभावकों और सभी बच्चों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
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