किसानों को मिला आधुनिक खेती व सरकारी योजनाओं का मंत्र
अनुपम मौर्य
बरसठी, जौनपुर। स्थानीय विकास खंड सभागार में श्री अन्न (मिलेट्स) पुनरोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत विकास खंड स्तरीय कृषक प्रशिक्षण एवं क्षमता वर्धन गोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं समाजसेवी नीतेश पाठक ने किया। गोष्ठी में किसानों को श्री अन्न की खेती, उसके पोषण मूल्य, जैविक कृषि तथा केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
मुख्य वक्ता डॉ. रमेश चंद यादव ने कहा कि बाजरा, ज्वार, सावा, रागी और कोदो जैसे मोटे अनाज श्री अन्न की श्रेणी में आते हैं। इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने तथा ग्लूटीन की मात्रा बेहद कम होने के कारण इनके नियमित सेवन से मधुमेह (शुगर), सिलिएक रोग, मोटापा सहित कई अन्य बीमारियों से बचाव संभव है। इन्हीं गुणों के कारण भारत सरकार ने मोटे अनाजों को सम्मानपूर्वक 'श्री अन्न' का दर्जा दिया है और इनके उत्पादन व उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विषय वस्तु विशेषज्ञ जय प्रकाश गुप्ता ने किसानों को परंपरागत खेती, जैविक कृषि तथा प्राकृतिक कीट प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। वहीं दिनेश कुमार ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों को जागरूक किया। विषय वस्तु विशेषज्ञ अशोक पाल ने श्री अन्न को 'सुपर फूड' बताते हुए इसे बेहतर स्वास्थ्य और किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया।
कार्यक्रम का संचालन एडीओ कृषि सर्वेश पाल ने किया। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए किसानों से अधिक से अधिक संख्या में श्री अन्न की खेती अपनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया। गोष्ठी में सुनील कुमार, धर्मराज वर्मा, सुनील गुप्ता, ज्ञानेंद्र वर्मा सहित क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
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