Jaunpur News: योग को शामिल करें नियमित दिनचर्या में: कुलपति

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जीवन जीने का प्रभावी माध्यम है योग: विकास पंजियार

अजय विश्वकर्मा/विरेन्द्र यादव

सिद्दीकपुर, जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में रविवार को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद भारत सरकार नई दिल्ली मेजर ध्यानचंद इंडोर स्टेडियम में किया गया। कार्यक्रम का विषय “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रहा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट्स, शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता किया।

मुख्य अतिथि विकास पंजियार ग्रुप कमांडर एनसीसी वाराणसी ने कहा कि आज का युवा प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर की चिंता, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और मानसिक तनाव जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन जीने का प्रभावी माध्यम है। योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।

अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने योग की महत्ता पर बल देते हुए अपना 15 वर्ष पुराना प्रेरणादायक अनुभव साझा किया कि डॉक्टरों द्वारा दोनों घुटनों के ऑपरेशन की सलाह दिए जाने के बावजूद केवल नियमित योग के बल पर वे आज तक बिना ऑपरेशन पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने आह्वान किया कि वे शारीरिक कष्टों से बचने और मानसिक प्रसन्नता के लिए योग को अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

विशिष्ट अतिथि डॉ. शारदा द्विवेदी, इंटरनेशनल फैकल्टी आर्ट ऑफ लिविंग बेंगलुरु ने प्रतिभागियों को ध्यान कराया। साथ ही कहा कि योग केवल आसन नहीं है बल्कि मन की शांति है। उन्होंने बताया कि मानव जीवन केवल शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सात स्तरों पर आधारित एक समग्र अस्तित्व है। इनमें शरीर, श्वास, मन, बुद्धि, स्मृति, अहंकार और चेतना शामिल हैं। इन सभी स्तरों के बीच संतुलन स्थापित होने पर व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ जीवन जी सकता है।

इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि कर्नल आलोक सिंह धर्मराज कमांडिंग ऑफिसर 98 यूपी बटालियन एनसीसी जौनपुर ने संबोधित करते हुये जीवन में योग के महत्व को रेखांकित किया। योग प्रशिक्षक जय सिंह गुहिलोत ने सभी को प्रोटोकॉल के अनुसार योग कराया। योग दिवस का संयोजन डॉ. मनोज पाण्डेय ने किया। धन्यवाद ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद सिंह एवं संचालन डॉ. राजेश सिंह ने किया।

इस अवसर पर प्रो. मनोज मिश्र, प्रो रजनीश भास्कर, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो मिथिलेश सिंह, डॉ. शेखर सिंह, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ नीतेश जायसवाल, डॉ. पुनीत सिंह, डीआर अजीत प्रताप सिंह, त्रिवेन्द्र सिंह चौहान, कृष्णपाल सिंह, राधेश्याम सिंह, रजनीश सिंह, श्याम श्रीवास्तव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।





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