जौनपुर। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस की समीक्षा बैठक हुई जहां उन्होंने आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में बरती जा रही लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों को चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड), मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाय।
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में इसी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं तथ्यपरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी दशा में शिकायतकर्ताओं से नकारात्मक फीडबैक प्राप्त न हो। शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता के रूप में न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाय। जिलाधिकारी ने आईजीआरएस के अंतर्गत एल-1, एल-2, एल-3 एवं एल-4 स्तर पर की जाने वाली कार्यवाहियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान किया। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया एवं समयसीमा का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें तथा शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा करते रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस शासन की प्राथमिकता वाली व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आमजन अपनी समस्याओं एवं शिकायतों को शासन तक पहुंचाते हैं। सभी अधिकारी शिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने हेतु गंभीरता, संवेदनशीलता तथा जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानन्द झा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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