Jaunpur News: मानकविहीन व अप्रशिक्षित हाथों में सौंदर्य का कारोबार, महिलाओं की सेहत से हो रहा खिलवाड़

Aap Ki Ummid
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बिना प्रशिक्षण व पंजीकरण के धड़ल्ले से संचालित हो रहे ब्यूटी पार्लर

खेतासराय, जौनपुर। स्थानीय कस्बा सहित आस—पास के क्षेत्रों में इन दिनों ब्यूटी पार्लरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सुंदरता निखारने के नाम पर चल रहे इस कारोबार में मानकों की अनदेखी और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अधिकांश ब्यूटी पार्लर बिना किसी मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण, प्रमाण-पत्र अथवा विभागीय पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं जिससे महिलाओं और युवतियों की सेहत गंभीर खतरे में पड़ती जा रही है।

जानकारों का कहना है कि कई स्थानों पर पार्लर संचालिकाओं के पास सौंदर्य उपचार, स्किन केयर, हेयर केयर अथवा कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं का कोई तकनीकी प्रशिक्षण नहीं है। इसके बावजूद वे महंगे कॉस्मेटिक उत्पादों, फेशियल, ब्लीच, हेयर ट्रीटमेंट, केमिकल पील, स्किन पॉलिशिंग सहित अन्य प्रक्रियाएं कर रही हैं। कई बार बिना त्वचा की जांच किए ही अलग-अलग प्रकार के केमिकल उत्पादों का प्रयोग कर दिया जाता है जिससे एलर्जी, संक्रमण, त्वचा जलने और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने का खतरा बना रहता है।


ब्राण्डेड के नाम पर थमाये जा रहे संदिग्ध उत्पाद

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई पार्लरों में ग्राहकों को ब्रांडेड और महंगे उत्पाद बताकर ऐसे कॉस्मेटिक इस्तेमाल किए जा रहे हैं जिनकी गुणवत्ता और वैधता संदिग्ध है। अधिकांश ग्राहकों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को इन उत्पादों की सही जानकारी नहीं होती। इसका फायदा उठाकर उन्हें भ्रमित किया जाता है और मोटी रकम वसूली जाती है।


स्वच्छता मानकों की भी उड़ रहीं धज्जियां

एक महिला नाम न छापने की शर्त पर बताई कि खेतासराय क्षेत्र के कई पार्लरों में इस्तेमाल होने वाले ब्रश, तौलिए, मेकअप किट, थ्रेडिंग उपकरण सहित अन्य सामग्री का उचित सैनिटाइजेशन नहीं किया जाता। एक ही उपकरण का बार-बार अलग-अलग ग्राहकों पर उपयोग संक्रमण फैलने की आशंका को बढ़ा देता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी लापरवाही त्वचा संबंधी रोगों के साथ फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण का कारण बन सकती है।


नियमों पर नहीं हो रही निगरानी

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कस्बे सहित आस—पास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ब्यूटी पार्लर बिना किसी पंजीकरण और आवश्यक मानकों के संचालित हो रहे हैं लेकिन संबंधित विभाग की ओर से जांच या निरीक्षण नहीं किए जा रहे हैं। कार्रवाई के अभाव में ऐसे पार्लरों का कारोबार लगातार फैलता जा रहा है और नियमों का पालन करने वाले प्रशिक्षित संचालकों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।


महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा है मामला

सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि सौंदर्य सेवाएं केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि सीधे स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा विषय हैं, इसलिए बिना प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा केमिकल और कॉस्मेटिक उपचार कराना महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो भविष्य में बड़ी संख्या में लोग त्वचा संबंधी समस्याओं सहित अन्य जटिलताओं का शिकार हो सकते हैं।





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