ब्रेन कैंसर से दिवंगत बबीता देवी को दी गयी श्रद्धांजलि
विधायक बेदी राम ने अंधविश्वास छोड़ने का दिया संदेश
बौद्ध रीति-रिवाज से सम्पन्न हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम
जितेन्द्र सिंह चौधरी/अतुल राय
जलालपुर, जौनपुर। स्थानीय विकास खंड के अंतर्गत ग्रामसभा कुसिया में सामाजिक जागरूकता का संदेश देते हुए मृत्यु भोज का बहिष्कार कर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम स्वर्गीय बबीता देवी पत्नी रमेश कुमार की स्मृति में आयोजित हुआ जिनका 12 जून को ब्रेन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के बाद निधन हो गया था।
परिजनों द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम धर्मपाल बौद्ध एवं कमलेश कुमार की उपस्थिति में बौद्ध रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ।
सभा में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जखनिया के लोकप्रिय विधायक बेदी राम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को अंधविश्वास और कुरीतियों का त्याग करना चाहिए। “जिस प्रकार मरा हुआ घोड़ा कभी घास नहीं खाता, उसी प्रकार मृत व्यक्ति कभी पानी नहीं पीता, इसलिये मृत्यु भोज जैसी परंपराओं पर अनावश्यक खर्च करने के बजाय समाजहित और शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए।”
संजू चौधरी प्रधानाध्यापिका एवं जिलाध्यक्ष एससी-एसटी शिक्षा संगठन ने भी सामाजिक सुधार और जागरूकता पर बल दिया। श्रद्धांजलि सभा में वरिष्ठ समाजसेवी विजय प्रताप, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव सिंह बेदी, पूर्व जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी अवधनाथ पाल, पूर्व मंडल प्रभारी बसपा अजीत योगी, प्रदीप वर्मा, अरविंद कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंत में दिवंगत बबीता देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई तथा उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। कार्यक्रम ने मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया।
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