जफराबाद, जौनपुर। माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ का विवाह विश्वास और श्रद्धा का प्रतीक है। यह बातें मंगलवार को शीतला चौकिया धाम में पूरे अधिकमास भर आयोजित श्री राम कथा महोत्सव के तीसरे दिन प्रवचन करते हुए मानस कोविद डा मदन मोहन मिश्र ने कही। उन्होंने आगे कहा कि शिव जी विश्वास के प्रतीक है और पार्वती जी श्रद्धा की प्रतीक है।
शिव पार्वती के विवाह की चर्चा करते हुए कहा कि प्रतिकूलता में अनुकूलता का अनुभव करना ही भक्ति है। भगवान् शंकर बिष अमृत चूहा सर्प बाघ और बैल जैसे विरोधी तत्वों में सन्तुलन बनाये रखते हैं। जो अपमान में भी सम्मान की भावना देखता है, उसे देव नहीं, बल्कि महादेव कहा जाता है, शंकर जी विवाह करने जाते हैं ससुराल हिमालय किन्तु देखते हैं। अपने घर कैलाश की तरफ इस कथा से संकेत मिलता है कि हम विवाह करने ससुराल जाये लेकिन परिवार को भूल न जाय।
कार्यक्रम में प्रवचन करते हुए डा. अखिलेश चंद पाठक ने कहा कि हमें ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए और शास्त्रों का बार बार चिंतन करते रहना चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत में सुमित त्रिपाठी, मंगला प्रसाद माली, हनुमान त्रिपाठी, कौशल त्रिपाठी, त्रिजुगी नारायण त्रिपाठी आदि ने माल्यार्पण करके गुरुजनों का स्वागत किया। संचालन गुड्डू उपाध्याय ने किया। शिवा आसरे गिरी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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