Jaunpur News: ग्रामीण स्तर पर लाभार्थियों का चयन के लिये त्रिस्तरीय समिति गठित

Aap Ki Ummid
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जौनपुर। मुख्य विकास अधिकारी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में अनुदान संख्या 83 के अधीन बकरी पालन की योजना की क्रियान्वयन के सम्बन्ध में अवगत कराया कि प्रति इकाई की स्थापना हेतु धनराशि राज्यांश (90 प्रतिशत) रुपए 54000 एवं लाभार्थी अंश 10 प्रतिशत रुपए 6000, कुल रुपए 60000 है। ग्रामीण स्तर पर लाभार्थियों का चयन हेतु त्रिस्तरीय समिति गठित है। लाभार्थियों का चयन करते समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि 18 वर्ष अधिक आयु के जनपद के निवासी अनुसूचित जाति के महिला/पुरुष, बेरोजगार पशुपालक जिनके पास बकरियों को रखने का उचित स्थान उपलब्ध हो, योजना के पात्र होंगे, भेड़ एवं बकरी पालन प्रशिक्षण केंद्र इटावा एवं केंद्रीय बकरी अनुसंधान फराह मखदूम मथुरा से बकरी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त आवेदकों को वरीयता के अनुसार चयन किया जाएगा। विधवा एवं निराश्रित महिला को प्राथमिकता दी जाएगी। उपलब्धता के आधार पर 3 प्रतिशत दिव्यांगजन को सम्मिलित किया जाना हितकर होगा। जनपद के अनुसूचित जाति के भूमिहीन व गरीब पशुपालकों की आय में वृद्धि एवं बकरी पालन के कार्य को प्रोत्साहन देकर कुपोषण से बचाव के लिए आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से योजना का क्रियान्वयन किया जाना है। आवेदन पत्र के साथ निम्न प्रमाण पत्र आवेदक द्वारा संलग्न किया जाएगा। आधार कार्ड की छाया प्रति, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र की छाया प्रति, बैंक पासबुक की छाया प्रति, बकरी पालन प्रशिक्षण से संबंधित प्रमाण पत्र की छायाप्रति।

प्रति इकाई लागत का भुगतान

प्रति इकाई लागत रू0 60000 है। प्रति इकाई राज्यंश (90 प्रतिशत) रू०-54000 धनराशि देय होगी। प्रति इकाई 10 प्रतिशत लाभार्थी अंश रू0-6000 होगी जो चयनित लाभार्थी द्वारा उपलब्ध कराये गये बैंक खाता में जमा की जायेगी। जमा की गयी धनराशि का विवरण प्राप्त कर स्वयं रखेंगे (जनपद अन्तर्गत निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष) चयनित लाभार्थी द्वारा 10 प्रतिशत धनराशि 6000 जमा करने के (सम्बन्धित का विवरण प्राप्त होने के उपरान्त ही) (प्रति इकाई 42 अन्य व्यय मद मे रू० 5000 को रोक कर) शेष 43-धनराशि 49000 का भुगतान आर०टी०जी०एस० के माध्यम से किया जायेगा। चयनित लाभार्थी से 10 रू0 के स्टांप पेपर पर शपथ पत्र प्राप्त किया जायेगा कि स्थापित होने वाली बकरी इकाई को 3 वर्ष तक संचालित किया जायेगा योजना के क्रियान्वयन हेतु खाते में धनराशि प्राप्त किये जाने उपरान्त 20 दिवस के अन्दर पशुओं का क्रय कर इकाई को कियाशील कराया जायेगा। चयनित लाभार्थी को प्रति इकाई भुगतान की जाने वाली धनराशि आर०टी०जी०एस० के माध्यम से ही की जायेगी। अन्य किसी प्रकार से भुगतान नहीं किया जायेगा। चयनित लाभार्थी को उपलब्ध करायी गयी धनराशि मे से 49000 एव लाभार्थी अंश रू० 6000 सम्मिलित कर कुल 55000 से 1 नर एवं 5 मादा बकरियों (बरबरी, बीटल, ब्लैक बंगाल एवं अन्य स्थानीय नस्ल) का क्रय राजकीय प्रक्षेत्रों/भारत सरकार के बकरी प्रक्षेत्रों से अथवा अनुपलब्धता की स्थिति में क्षेत्रीय पशु चिकित्साधिकारी के पर्यवेक्षण में स्थानीय बाजार से क्रय किया जा सकता है। प्रति इकाई लागत में अवशेष 5000 से क्रय किये गये पशुओं का बीमा स्थानीय पशु चिकित्साधिकारी के सहयोग से कराया जायेगा। बीमा केवल 1 वर्ष के लिए होगा। आगामी वर्षों का बीमा लाभार्थी द्वारा अपने संसाधनों से कराया जायेगा। अवशेष धनराशि से पशुओं का परिवहन व बर्तन आदि का कय किया जायेगा।

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