जौनपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभात कुमार के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जिला मलेरिया अधिकारी सुनील यादव की देख—रेख में फाइलेरिया रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता रोकथाम कार्यशाला की गई। प्रत्येक ब्लॉक से अधीक्षक/प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बीसीपीएम, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, सहयोगी संस्थाओं डब्ल्यूएचओ से डॉ. मंजीत कुमार, पाथ से डॉ. सिद्धार्थ दत्ता, अमरेश कुमार, पीसीआई से शिवम दुबे, मलेरिया फाइलेरिया ऑफिस से सहायक मलेरिया अधिकारी संजीव मिश्रा, अशोक कुमार, समस्त मलेरिया फाइलेरिया निरीक्षक, स्टाफ उपस्थित रहे।
फाइलेरिया रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता रोकथाम कार्यशाला में जिला मलेरिया अधिकारी सुनील यादव एवं डॉ. सिद्धार्थ दत्ता द्वारा पीपीटी के माध्यम से विस्तार से फाइलेरिया के कारण लक्षण बचाव जांच उपचार, प्रसार, स्टेजिंग, दुष्प्रभाव के साथ रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता रोकथाम, साफ सफाई, धुलाई, एक्सरसाइज आदि विषय पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया। डा. मंजीत कुमार द्वारा प्रश्न उत्तर के माध्यम से फाइलेरिया की जानकारी, प्रशिक्षण दिया गया। फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलने वाला एक संक्रामक रोग है। इसका परजीवी वुचरेरिया बैंकराफ्टी होता है। फाइलेरिया के लक्षणों में हाथ, पैर, स्तन, अंडकोष में सूजन, पेशाब के सफेद पानी आना कायलुरिया आदि लक्षण प्रमुख हैं।
जनपद में फाइलेरिया हाथी पांव के 5270 मरीज हैं जिनको विधिवत प्रशिक्षण देकर रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता रोकथाम, साफ सफाई, धुलाई, एक्सरसाइज का प्रशिक्षण देकर मरीजों को रूग्णता प्रबंधन किट दी जाती है। 2025 में समस्त मरीजों को किट प्रदान की जा चुकी है। इस वर्ष 2026 में भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सीएचओ के माध्यम से प्रशिक्षण, किट वितरण का कार्य शुरू हो चुका है। आज की कार्यशाला में भी 5 फाइलेरिया मरीजों को प्रशिक्षण देकर एमएमडीपी किट प्रदान की गई।
फाइलेरिया से बचाव के लिए अपने घरों के आस—पास साफ सफाई रखें। कूड़ा कचरा न एकत्र होने दें। जलजमाव न होने दें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। पूरी बांह के कपड़े पहने, ताकि मच्छर से आप बच सकें। अगर किसी व्यक्ति को फाइलेरिया के लक्षण दिखाई दें तो तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, फाइलेरिया कंट्रोल इकाई टीबी चिकित्सालय परिसर में तत्काल दिखाएं, ताकि समय से जांच उपचार हो सके। जन सामान्य से भी अपील है कि अगर आपके आस पास भी कोई फाइलेरिया मरीज दिखे तो उसे प्रेरित करके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आयोग मंदिर पर भेजें।
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