अरविन्द यादव
मीरगंज, जौनपुर। मछलीशहर तहसील क्षेत्र के ग्राम जरौना (नरवा) समेत कई गाँवों में पिछले 7 दिनों से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित है जिससे पूरा गांव अंधेरे और परेशानी के साये में जीने को मजबूर है। भीषण गर्मी और उमस के इस दौर में बिजली न होने से ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दिन में तपती धूप और रात में उमस भरी बेचैनी के बीच लोग बिना पंखे-कूलर के किसी तरह समय काट रहे हैं। बिजली ठप होने से पानी की मोटरें बंद हैं जिससे पेयजल संकट भी गहरा गया है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। रात होते ही गांव अंधेरे में डूब जाता है और मच्छरों के आतंक से लोगों की नींद उड़ चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विद्युत उपकेंद्र जंघई और संबंधित अधिकारियों को फोन कर समस्या बताई गई लेकिन जिम्मेदार अधिकारी फोन उठाना तक जरूरी नहीं समझ रहे। विभाग की इस बेरुखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। जहां सरकार गांव-गांव बिजली पहुंचाने और निर्बाध आपूर्ति के दावे कर रही है, वहीं जरौना नरवा, चौथार नरवा, कमासीन नरवा के लोग पिछले एक सप्ताह से बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। विभागीय लापरवाही के कारण ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे दिया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग किया है। साथ ही चेतावनी दिया कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विभाग की नींद खुलेगी या जरौना नरवा के ग्रामीण यूं ही अंधेरे में तड़पते रहेंगे?
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