यूपीएससी परीक्षा पास करके जिले का बढ़ाया मान, गांव में जश्न का माहौल
तेजस टूडे सं.
बृजेश यादव
खुटहन, जौनपुर। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के खुदावंदपुर गांव निवासी शुभम मौर्य ने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के दम पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) पद प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। गांव में जैसे ही चयन की सूचना पहुंची। परिजनों और ग्रामीणों में उत्साह फैल गया और बधाई देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया। बता दें कि शुभम मौर्य एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी माता शशिकला देवी हैं जबकि उनके पिता स्वर्गीय राकेश मौर्य थे। पारिवारिक परिस्थितियां बहुत अनुकूल नहीं होने के बावजूद शुभम ने अपने लक्ष्य को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कठिन हालातों में भी लगातार पढ़ाई जारी रखी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में पूरे समर्पण के साथ जुटे रहे।
अनुशासन एवं नियमित पढ़ाई बनी सफलता की कुंजी
शुभम ने अपनी सफलता का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि नियमित अध्ययन, समय का सही प्रबंधन और आत्म-अनुशासन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहे। उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान सोशल मीडिया सहित अन्य व्यर्थ गतिविधियों से दूरी बनाकर केवल अपने लक्ष्य पर फोकस किया। यही कारण रहा कि उन्होंने पहली ही बड़ी सफलता हासिल कर ली।
घर पर लगा बधाई देने वालों का तांता
सफलता की खबर मिलते ही शुभम के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। मित्र, शिक्षक, रिश्तेदार और गांव के लोग लगातार उनके घर पहुंचकर शुभकामनाएं दे रहे हैं। पूरे गांव में जश्न जैसा माहौल है और लोग मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार कर रहे हैं।
परिवार, गुरू एवं भाई को दिया श्रेय
शुभम मौर्य ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी माता, गुरुजनों, बड़े भाई और मित्रों को दिया है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में परिवार ने हमेशा उनका मनोबल बढ़ाया। वहीं शिक्षकों ने सही दिशा दिखाकर उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने में मदद किया।
युवाओं के लिये बने प्रेरणास्रोत
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि शुभम की सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए एक मिसाल है। इससे यह साबित होता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अगर लगन और मेहनत हो तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने भी शुभम की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बताया है। शुभम की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार का सपना पूरा किया है, बल्कि पूरे गांव को एक नई पहचान और युवाओं को एक नई दिशा देने का काम किया है।
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