तिलकहरा में चल रही है सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा
तरुण चौबे
सुजानगंज, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के निशा शिवेंद्र शुक्ला के आवास सुजानगंज उर्फ तिलहरा में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर उपस्थित श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए बृंदावन से पधारे अनुराग कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने कहा कि हम अपने इंद्रियों को तृप्त करने में परेशान हैं। आत्मा ना जन्म लेती है और न ही मरती है। आत्मा मुक्त है। शुद्ध है। तत्व है। नित्य है, फिर भी आत्मा यहां क्यों फंसी पड़ी है? उन्होंने कहा कि आत्मज्ञान होने से मुक्ति होती है। पृथ्वी पर हमारा कुछ भी नहीं है। केवल मन में यही ख्याल आता है कि यह वस्तु हमारा है जबकि कुछ भी नहीं है हमारा। वहीं पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होते ही पूरा पंडाल से गूंज उठा। महाराज श्री सहयोगिनी द्वारा सोहर गीत आज प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर दिनेश मिश्र जिलाध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद, ओम प्रकाश द्विवेदी, अखिलेश सिंह, पिंटू शुक्ला सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम आयोजक अमित शुक्ला मोहित ने उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार प्रकट किया।
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