अंक अपलोड न करने, केन्द्राध्यक्ष नियुक्त न करने व सीसीटीवी मॉनिटरिंग से न जुड़ने पर कार्यवाही की चेतावनी
भीषण गर्मी में परीक्षार्थियों के लिये पेयजल, बिजली व पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश
अजय विश्वकर्मा/विरेन्द्र यादव
सरायख्वाजा, जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने सम सेमेस्टर परीक्षाओं के संचालन को लेकर संबद्ध महाविद्यालयों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जहां आंतरिक व प्रायोगिक अंक समय से अपलोड करने के लिए कॉलेजों को अंतिम चेतावनी दी है, वहीं परीक्षा केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष नियुक्त करने, सीसीटीवी मॉनिटरिंग सेल से जुड़ने और परीक्षार्थियों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को विश्वविद्यालय के सीसीटीवी मॉनिटरिंग कक्ष में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह के साथ परीक्षा नियंत्रक विनोद सिंह, कुलसचिव केश लाल, प्रो. मनोज मिश्र ने महाविद्यालय में चल रही परीक्षाओं का ऑनलाइन निरीक्षण किया।
साथ ही विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद सिंह ने जौनपुर के केडीएस महाविद्यालय और श्रद्धाशंकर महिला महाविद्यालय में चल रही परीक्षाओं का भौतिक निरीक्षण किया। परीक्षा नियंत्रक ने सभी केंद्राध्यक्षों और प्राचार्यों को कार्यालय ज्ञाप जारी कर सख्त निर्देश दिए कि प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के लिए पर्याप्त पेयजल और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाय।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने इसके लिए आदेश दिए है। इस निर्देश में स्पष्ट कहा गया कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त रोशनी और पंखों की उचित व्यवस्था रहनी चाहिए। विश्वविद्यालय ने बीएससी (एग्रीकल्चर), एमएससी (एग्रीकल्चर), बीएड, एमएड और बीपीएड पाठ्यक्रमों के आंतरिक और प्रायोगिक अंक पोर्टल पर अपलोड न करने वाले महाविद्यालयों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय के अनुसार कई कॉलेजों द्वारा अंक देरी से भेजने के कारण रिजल्ट घोषित करने में विलंब हो रहा है। परीक्षा नियंत्रक ने इसे लेकर 'कठोर चेतावनी' जारी करते हुए सभी संबंधित कॉलेजों को निर्देशित किया कि वे 23 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से अंक पोर्टल पर अपलोड कर दें।
पूविवि की सम सेमेस्टर परीक्षाओं की शुचिता और निगरानी को लेकर प्रशासन सख्त है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद सिंह ने बताया कि जिन महाविद्यालयों ने अभी तक अपने परीक्षा केंद्रों को विश्वविद्यालय के सीसीटीवी मॉनिटरिंग सेल से नहीं जोड़ा है और केंद्राध्यक्षों की नियुक्ति नहीं की है, उन्हें 23 अप्रैल तक का अंतिम मौका दिया गया है। विवि ने स्पष्ट किया कि यदि कोई कॉलेज सीसीटीवी निगरानी से नहीं जुड़ता है या किसी अन्य माध्यम से शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित केंद्र के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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