आरपीडी नर्सिंग होम में लीवर फाइब्रोस्कैन शिविर का हुआ आयोजन
सैकड़ों की संख्या में मरीजनें ने पहुंचकर कराया परीक्षण
विनोद कुमार
केराकत, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के सरायबीरू में स्थित आरपीडी नर्सिंग होम में बुधवार को नि:शुल्क लीवर फाइब्रोस्कैन शिविर प्रबंधक डॉ नवीन यादव की देख-रेख में आयोजित की गई। सुबह से ही लोगों का शिविर में आने का सिलसिला जारी रहा। विभिन्न गांवों से सैकड़ों की संख्या में पहुंचे मरीजों का फाइब्रोस्कैन मशीन से जांच परीक्षण कर उन्हें नैदानिक और आहार परामर्श भी प्रदान किया गया।
इस बाबत विशेषज्ञ डी.एम. गैस्ट्रो डॉ गोपाल शरण सिंह ने बताया कि शिविर में मरीजों के फैटी लीवर, अल्कोहलिक लीवर, फाइब्रोसिस, सिरोसिस और हेपेटाइटिस बी और सी की जांचें की गईं। साथ ही कहा कि हमारे देश में लीवर की बीमारी आम है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अनुसार देश की लगभग 32 फीसदी आबादी को लीवर की समस्या है। लीवर की लगातार समस्या के कारण लीवर फाइब्रोसिस और सिरोसिस ठीक से काम नहीं करता और मरीज की जान चली जाती है। क्रोनिक यकृत रोग का सबसे आम कारण एनएएफएलडी (गैर-अल्कोहल फैटी लीवर रोग) है जो एक जीवनशैली से संबंधित बीमारी है जो अनुचित आहार, व्यायाम की कमी, पेट के आसपास वसा की प्रवृत्ति तथा रक्त में लिपिड और शर्करा संबंधी समस्याओं के कारण होती है जो लगभग एक तिहाई भारतीय आबादी में पाई जाती है। फैटी लीवर की समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए वरना रोगी फाइब्रोसिस और सिरोसिस के साथ क्रोनिक लीवर रोग की गिरफ्त में आ सकता है।
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