जौनपुर। जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बन्धु एवं जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक हुई जहां जनपद में औद्योगिक विकास, स्वरोजगार सृजन एवं विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा करते हुये संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
बैठक के प्रारंभ में पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि करते हुये उसके अनुपालन की समीक्षा की गई। इसके उपरांत मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत बैंक शाखाओं द्वारा माह अप्रैल 2026 तक किए गए ऋण वितरण की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जनपद ने लक्ष्य के सापेक्ष बेहतर प्रगति की है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण परीक्षण कर उन्हें शीघ्र स्वीकृत करते हुए अधिकाधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत भी ऋण वितरण की समीक्षा की गयी जहां अधिकारियों ने अवगत कराया कि पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर उन्हें बैंकों को प्रेषित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण, पारदर्शिता बनाए रखने तथा पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने उद्यमियों की समस्याओं को सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश दिये। औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर देते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना, सीवरेज एवं ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा इंटरलॉकिंग सहित अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि चिन्हित स्थलों पर शीघ्र कार्य प्रारंभ कर समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाय।
सीडा (औद्योगिक क्षेत्र) में आवासीय क्षेत्र के विकास एवं अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाय। विद्युत विभाग से संबंधित समस्याओं पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खण्ड ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सुचारु रूप से की जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि केवल आंकड़ों के आधार पर नहीं बल्कि वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाय। इसके अतिरिक्त औद्योगिक इकाइयों से संबंधित विभिन्न प्रकरणों पर भी चर्चा करते हुये संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में उद्योगों के विकास हेतु सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें, ताकि निवेश को प्रोत्साहन मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानन्द झा, संबंधित विभागों के अधिकारीगण, बैंक प्रतिनिधि एवं उद्यमी उपस्थित रहे।
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