Jaunpur News: अभिभावक को ड्रेस—किताब निश्चित दुकान से खरीदने को बाध्य न करें विद्यालय प्रबन्धन: डीएम

Aap Ki Ummid
follow us
Jaunpur News: अभिभावक को ड्रेस—किताब निश्चित दुकान से खरीदने को बाध्य न करें विद्यालय प्रबन्धन: डीएम


शासनादेश का उल्लंघन करने पर पहली बार 1 लाख, दूसरी बार 5 लाख का अर्थदण्ड, तीसरी बार विद्यालय की मान्यता रद्द कर दी जाय

जौनपुर। जिलाधिकारी डा. दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय शुल्क के विनियमन अधिनियम 2018 के संदर्भ में जनपद के समस्त मान्यता प्राप्त सीबीएसई बोर्ड, आईसीएसई बोर्ड, यूपी बोर्ड की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।

इस मौके पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बिना फिटनेस के कोई भी वाहन संचालित नहीं होना चाहिए। बिना फिटनेस वाले संचालित वाहनों पर कार्यवाही की जाय। स्कूली वाहनों में बच्चों की ओवरलोडिंग न हो। वाहन फिटनेस के संदर्भ में अधिनियम के अंतर्गत शासनादेश की परिधि में परीक्षण करते हुए नोटिस दे। प्रत्येक स्कूल बस फिटनेस जांच के उपरांत ही चले। स्कूल में वाहन पार्किंग की व्यवस्था अवश्य हो। विद्यालय प्रबन्धन किसी बच्चे के अभिभावक को ड्रेस अथवा किताब किसी निश्चित दुकान से ही खरीदने को बाध्य ना करें। वाहन फिटनेस दिये गये संबंधित पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित किया जाय।

विद्यालय समिति निर्धारित शासनादेश के अनुसार संबंधित विद्यालय शिक्षण शुल्क शासनादेश में दिये गये प्रावधान के अनुसार ही ले। विद्यालय वाहन के संदर्भ में जनपद में कुल 6184 विद्यालय हैं। सभी को फिटनेस सहित अन्य के संबंध में निर्धारित प्रारूप पर शपथ पत्र देने के निर्देश दिये गये। साथ ही संबंधित पोर्टल पर विद्यालय का पंजीकरण कराने के निर्देश दिये गये। उन्होंने निर्देश दिया कि वाहन चालकों का सत्यापन अवश्य कराया जाय। विद्यालय स्तर पर विद्यालय सुरक्षा समिति अनिवार्य रूप से गठन किया जाय।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिला शुल्क समिति का गठन किया जाय। शासनादेश का उल्लंघन करने वालो के संदर्भ में निर्देशित किया कि पहली बार उल्लंघन पर 1 लाख का अर्थदंड, दूसरी बार उल्लंघन पर रु0 5 लाख का अर्थदंड, तीसरी बार विद्यालय की मान्यता ही रद्द कर दी जाय। बोर्ड की परीक्षाओं के रिजल्ट जारी हो रहे हैं। किसी भी बच्चों से अंक पत्र व टीसी के नाम पर पैसे ना लिये जायं।

उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का आर0टी0ई0 एक्ट के तहत एडमिशन लिया जाय। साथ ही विद्यालयों में अन्य पब्लिकेशन की अपेक्षा  एनसीईआरटी की किताबें ही लागू की जाय। यह समिति उत्तर प्रदेश के दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए है, बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, एआरटीओ, विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

ads

ads

ads

ads

ads

ads

ads
ads

ads

ads

ads


 

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!