कटाई से पहले किसानों पर टूटा संकट, मुआवजे की उठी मांग
तेजस टूडे सं.
राकेश शर्मा
खेतासराय, जौनपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के पाराकमाल गाँव में शनिवार दोपहर अचानक लगी आग ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। दोपहर के समय जब अधिकांश किसान अपने खेतों के आस-पास ही मौजूद थे तभी गेहूँ के एक खेत से उठता धुआं और लपटें देख लोगों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आस-पास की खड़ी फसल को भी अपनी चपेट में ले लिया।
ग्रामीणों ने शोर मचाकर लोगों को मौके पर बुलाया और आग बुझाने के लिए बाल्टी, ट्यूबवेल, पम्पसेट और मिट्टी का सहारा लिया। तेज धूप और हवा के कारण आग तेजी से फैलती रही जिससे हालात और भी बिगड़ गए। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तब तक लगभग सात बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुकी थी।
ग्रामीणों के अनुसार आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है लेकिन आशंका जताई जा रही है कि किसी की लापरवाही या खेतों में पड़ी सूखी घास में चिंगारी पड़ने से यह हादसा हुआ होगा? घटना के बाद पूरे गाँव में मायूसी का माहौल है और प्रभावित किसान गहरे सदमे में हैं, क्योंकि फसल कटाई के ठीक पहले इस तरह का नुकसान उनके लिए भारी आर्थिक संकट खड़ा कर रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गाँव निवासी मो. सऊद की लगभग 4 बीघा, शमशुद्दीन की 1 बीघा, जिया लाल की 1 बीघा तथा नरेंद्र की करीब 14 बिस्वा गेहूँ की फसल जलकर राख हो गई। किसानों का कहना है कि यह उनकी साल भर की मुख्य आय का स्रोत था जो एक ही झटके में खत्म हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचे और नुकसान का जायजा लिया। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर अग्निशमन की व्यवस्था उपलब्ध होती तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। वहीं प्रशासन ने जाँच कर उचित कार्रवाई और सहायता का आश्वासन दिया है।
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