- माता रानी के जयकारों से वातावरण हुआ भक्तिमय
- दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी स्वरूप में भक्तों ने किया दर्शन-पूजन
बिपिन सैनी/मणि शंकर सैनी
चौकियां धाम, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के मां शीतला चौकियां धाम में वासंतिक नवरात्रि के दूसरे दिन शुक्रवार को मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी स्वरूप में भक्तों ने माता रानी का दर्शन पूजन किया। मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान, विद्या, सिद्धि और तप की देवी माना जाता है। इनकी पूजा से साधक को तप, संयम ज्ञान और ब्रह्मचर्य की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा की कमजोर स्थिति को सुधारने और मानसिक समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए मां ब्रह्मचारिणी की उपासना अचूक है। मां ब्रह्मचारिण को ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है। महादेव के लिए फूल-पत्ते खाकर हजारों साल की कठिन घोर तपस्या की थी।
बताया गया कि चौकियां धाम में प्रातःकाल 4 बजे मन्दिर के कपाट खुलने के पश्चात माला रानी का भाव्य श्रृंगार करके मन्दिर महंत विवेकानंद ने आरती-पूजन किया। मन्दिर खुलने के पूर्व ब्रम्ह मुहुर्त से ही मातारानी के दर्शन के लिये भक्तों की लम्बी कतार लगी रही। दुर्गा सप्तशती पाठ, वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन पुजन माता रानी के जयकारों एवं घण्टों की गूंज से सारा वातावरण मनमोहक भक्तिमय हो गया। कतार में खड़े दर्शनार्थी बारी-बारी से दर्शन-पूजन करते हुये नजर आये। वहीं पूर्वांचल के कोने-कोने से आये अद्धालु मुंडन संस्कार, कढ़ाही, पूजन आदि करके परिवार समेत मां के चरणों में मत्था टेकते हुये सुख, शान्ति, समृद्धि, धन, यश, वैभव की कामना किये।
नवरात्रि का दूसरे दिन व्रती महिलाओं ने अपने घर मे विधि विधान से दुर्गा सप्तशती पाठ करके आरती पूजन किया। दूर-दराज से धाम में आने वाले भक्तों का तांता देर शाम तक लगा रहा। वहीं दर्शन-पूजन करने के पश्चात दर्शन पवित्र कुण्ड के बगल में स्थित काल भैरवनाथ एवं मां काली मंदिर में दर्शन-पूजन किये। सुरक्षा की दृष्टि से मन्दिर परिसर में चौकियां चौकी इंचार्ज राम प्रकाश यादव अपने सहयोगी पुलिसकर्मी एवं पीएसी बल के साथ मौजूद रहे।
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