शुभांशू जायसवाल
जौनपुर। शुक्रवार की मुस्लिम समाज में विशेष महत्ता है। अलविदा जुमे की नमाज पढ़ने के लिए बड़ी संख्या में नमाजी के प्रमुख मस्जिदों जिसमें शाही अटाला मस्जिद, शाही जामा मस्जिद (बड़ी मस्जिद) समेत अलग-अलग मस्जिदों में जमा हुये जहां उन्होंने रमजान के अलविदा जुमे की नमाज अदा की। नगर की प्रमुख शाही अटाला मस्जिद में मौलाना अहमद नवाज ने नमाजे जुमा अदा कराई तथा मौलाना आफ़ाक़ ने रमजान की फजीलत बयान की।उन्होंने कहा कि रमजान का महीना इबादत और बरकतों का महीना होता है, इसमें मुस्लिम लोग विशेष तरह की नमाज तरावीह अलग से अदा करते हैं। यह नमाज केवल रमजान माह में ही पढ़ाई जाती है। वहीं शाही जामा मस्जिद (बड़ी मस्जिद) में मौलाना अबू हुरैरा ने नमाज़ अदा कराई और मुल्क मे अमन व चैन के साथ भाईचारगी बनी रहे इसके लिए विशेष रूप से दुआ मांगी।
मदरसा हनफिया नवाब युसूफ रोड मदीना मस्जिद में मौलाना अहमद रज़ा ज़ाफ़री ने नमाज अदा कराई। नमाजियों को ख़िताब करते हुए मौलाना कयामुद्दीन ने कहा कि रमजान इबादत के साथ गुनाहों से बचने का और तोबा करने का महीना भी है। खानकाह मस्जिद मे मौलाना हाफ़िज़ मेराज ने कहा कि रमजान में इबादत के साथ गरीबों, बेसहारा लोगों के अलावा विधवाओं के लिए मदद करने का भी महीना है।
इसके अलावा रमजान के दूसरे जुमा की नमाज शाही क़िला मस्जिद, शाही झंझरी मस्जिद, शाही लाल दरवाजा मस्जिद, लाल मस्जिद, मोहम्मद हसन मस्जिद, इलाही मस्जिद उर्दू बाजार, आया मस्जिद, आलम मस्जिद, गौशाला मस्जिद, ज़क़रिया मस्जिद, चहारसू मस्जिद, शाही पुल शेर मस्जिद, इंद्रा मार्केट मस्जिद, कचहरी मस्जिद, रेलवे स्टेशन मीरपुर मस्जिद, मियांपुर मस्जिद के अलावा आस—पास की मस्जिदों में भी अदा की गई और देश व प्रदेश की खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गई। इस मौके पर मरकज़ी सीरत कमेटी के पूर्व अध्यक्ष हफ़ीज़ शाह ने कहा कि सभी जुमा मस्जिदों में अलविदा जुमा की नमाज अक़िदत के साथ अदा की गयी।
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