शुभांशू जायसवाल
जौनपुर। अटेवा यूनिट के नेतृत्व में पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन की आवाज़ एक बार फिर बुलंद हो उठी है। जिला महामंत्री इंदु प्रकाश यादव एवं जिला कैडर प्रभारी तथा 25 नवंबर दिल्ली चलो कार्यक्रम के रैली प्रभारी टी.एन. यादव के नेतृत्व में जौनपुर जंक्शन से सैकड़ों शिक्षक-कर्मचारी राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हुए। स्टेशन परिसर “जय युवा, जय अटेवा/NMOPS” के नारों से देर शाम तक गूंजता रहा।
अटेवा/NMOPS द्वारा 25 नवंबर को जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाली इस रैली को लेकर पूरे प्रदेश में अभूतपूर्व उत्साह दिखाई दे रहा है। तमाम बाधाओं और चुनौतियों के बाद भी यह आयोजन तय हुआ जिसे सहभागी अब एक ऐतिहासिक जनसमूह के रूप में दर्ज करवाने को तत्पर हैं।
नेताओं व शिक्षकों ने प्रस्थान से पूर्व कहा कि “जो रामलीला मैदान का जनसैलाब नहीं भूल सके, वे अब जंतर-मंतर पर इतिहास रचते देखेंगे। शिक्षक-कर्मचारी का जज़्बा अब देश की संसद महसूस करेगी।”
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर *देश का शिक्षक, कर्मचारी और सैनिक* बार-बार दिल्ली आने को मजबूर क्यों है? जनप्रतिनिधियों से अपनी आवाज़ बुलंद करने का यह समय है, ताकि पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर चल रहा संघर्ष निर्णायक मोड़ ले सके।
रैली में शामिल शिक्षक-कर्मचारी ने कहा कि “देश का बच्चा-बच्चा इस आंदोलन का मंजर फिर देखेगा। हम असुरक्षित नहीं रहेंगे, अपनी सेवा और भविष्य की सुरक्षा के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी।” जौनपुर से रवाना हुआ यह काफ़िला दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़े परिवर्तन की उम्मीद लिए आगे बढ़ चुका है।
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