खाद की किल्लत से बढ़ी परेशानी, नौ समितियों में से दो पर पहुंची 250-250 बोरी डीएपी
डाॅ. प्रदीप दूबे
सुइथाकला, जौनपुर। किसान परेशान हैं और सरकार अपनी उपलब्धियां गिनाने में व्यस्त है। गेहूं और सरसों की बुवाई के ऐन मौके पर डीएपी खाद की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। साधन सहकारी समितियों पर खाद लेने के लिए उमड़ रही किसानों की भीड़ सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर कर रही है।
गौरतलब है कि विकास खंड क्षेत्र की कुल नौ साधन सहकारी समितियों में से अरसिया और सरायमोहिउद्दीनपुर समितियों पर 250-250 बोरी डीएपी की आपूर्ति हुई। खाद पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में किसान समितियों पर पहुंच गए। सीमित मात्रा में खाद और जरूरतमंद किसानों की भारी तादाद के चलते यहां एक अनार सौ बीमार वाली कहावत चरितार्थ होती नजर आई। पर्याप्त डीएपी नहीं मिलने से किसानों को गेहूं और सरसों की बुवाई प्रभावित होने की चिंता सता रही है।
विडंबना यह है कि किसानों की आय दोगुनी करने का सपना दिखाने वाली सरकार के सामने बुवाई के महत्वपूर्ण समय में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। चुनावी वर्ष में किसानों की यह स्थिति सरकार के कृषि विकास और किसान हितैषी दावों पर सवाल खड़े कर रही है। किसान चाहते हैं कि समितियों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें खाद के लिए भटकना न पड़े और समय से फसलों की बुवाई कर सकें।इस संबंध में जिला सहकारिता अधिकारी ब्रजेश पाठक वाराणसी में बैठक में शामिल होने के कारण समितियों पर डीएपी की अगली आपूर्ति के संबंध में जानकारी नहीं दे सके।
.jpg)





