Jaunpur News: 3 दशक पुराने मामले का हुआ निस्तारण

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Jaunpur News: 3 दशक पुराने मामले का हुआ निस्तारण


जौनपुर। सिविल जज सी0डि0/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार जिला प्राधिकरण में 1 अगस्त से 30 दिसम्बर तक राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0 चल रहा है। उक्त अभियान को सफल बनाने हेतु माननीय जनपद न्यायाधीश से श्री शशि द्वारा समय-समय पर न्यायिक अधिकारियों को न्यायालय में लंबित वादों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से कराये जाने हेतु दिशा-निर्देश दी गयी।

जनपद न्यायाधीश द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में न्यायालय अपर सिविल जज (जू.डि.) पंचम के पीठासीन अधिकारी मेधा कुशवाहा के समक्ष विचाराधीन लगभग तीन दशक पुराने मूलवाद संख्या 738/1997 राजनाथ बनाम गांवसभा का मध्यस्थता के माध्यम से सौहार्दपूर्ण समाधान हुआ।

उक्त मामला स्थायी निषेधाज्ञा से संबंधित था। न्यायालय द्वारा विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की संभावना को देखते हुए पत्रावली को सुलह-समझौता केन्द्र भेजा गया। मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान मध्यस्थ संजय उपाध्याय द्वारा पक्षकारों के मध्य संवाद स्थापित करने व विवाद के मूलकारण तक पहुॅंचने का प्रयास किया गया। तत्पश्चात मध्यस्थता केन्द्र व मध्यस्थ संजय उपाध्याय के अथक प्रयासों के पश्चात पक्षकार आपसी मतभेद भुलाते हुए सौहादपूर्ण वातावरण में सहमति से विवाद का समाधान निकालने में सफल हुये। उक्त मामलों के निस्तारण में उभयपक्ष के अधिवक्ता वशिष्ठ नरायण शुक्ल एवं समरजीत यादव द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।

इस प्रकार मध्यस्थता ने यह फिर से साबित किया कि बातचीत के जरिये बड़े से बड़े व पुराने से पुराने वादों का निस्तारण सुलह-समझौता के माध्यम से सौहादपूर्ण तरीके से किया जा सकता है। यदि किसी मामलें का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से किया जाता है तो पक्षकारों के आपसी संबंध प्रेमपूर्ण व मधुर बने रहते है।

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