सीजेएम कोर्ट ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का दिया आदेश
एके शुक्ला
जौनपुर। दहेज में स्प्लेंडर मोटरसाइकिल की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को प्रताड़ित करने और उसकी हत्या किए जाने के आरोप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-11 जौनपुर ने गौराबादशाहपुर थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने का आदेश दिया है।
न्यायालय में दाखिल प्रार्थना पत्र में केराकत थाना क्षेत्र के छितौनी निवासी भगवान दास यादव ने आरोप लगाया कि उनकी पुत्री किरन का विवाह वर्ष 2002 में गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के सलोनी महिमापुर निवासी परशुराम यादव के साथ हुआ था। विवाह के समय सामर्थ्य के अनुसार उपहार दिए गए थे लेकिन ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में स्प्लेंडर मोटरसाइकिल की मांग की जाती रही। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर किरन को प्रताड़ित किया गया तथा उसकी हत्या की साजिश रची गई।
प्रार्थना पत्र के अनुसार 16 नवंबर 2024 को किरन की हत्या कर उसके शव को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाने का आरोप है। पुत्री के संबंध में जानकारी लेने उसकी ससुराल पहुंचे पिता ने वहां की परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें मानसिक आघात लगा और वे बीमार पड़ गए। बाद में परिवार के लोगों से किरन के बच्चों को अपने साथ ले आये।
आवेदक ने आरोप लगाया कि घटना के संबंध में थाने में सूचना देने तथा बाद में पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय की शरण ली गई। सीजेएम ने सुनवाई के बाद प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए गौराबादशाहपुर के थानाध्यक्ष को प्रकरण में सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार विवेचना सुनिश्चित करने का आदेश दिया। आदेश 7 सितंबर 2026 को पारित किया गया। पीड़ित पक्ष की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील शुक्ल ने पैरवी किया।
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