एक ही गांव के 20 बीघा से अधिक धान की फसल हुई बर्बाद
मुआवजे की आस, नहीं सुधि लेने आये अभी तक कोई जिम्मेदार
बृजेश यादव
खुटहन, जौनपुर। स्थानीय विकास खंड के पनौली ग्रामसभा में पिछले चार दिनों से जारी तेज हवाओं और बारिश के चलते किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल पानी में भीगकर गिर गई है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 20 बीघा से अधिक धान की फसल प्रभावित हुई है जिससे किसानों के सामने लागत निकलने का संकट खड़ा हो गया है।
फसल बर्बाद होने से किसान मायूस हैं। कई किसान खेतों में गिरी फसल को देखकर अपनी पूरी लागत डूबने की चिंता में हैं। किसानों का कहना है कि मौसम की मार से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और अब उन्हें सरकार से क्षतिपूर्ति की उम्मीद है लेकिन अभी तक किसी भी गांव में राजस्व का कोई भी जिम्मेदार किसानों की सुधि लेने नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित खेतों का तत्काल राजस्व विभाग की टीम से सर्वे कराया जाए और नुकसान का आकलन कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार आर्थिक सहायता मिल सके।
बताया गया कि प्रभावित किसानों में ठाकुर प्रसाद वर्मा की लगभग 5 बीघा, पंकज वर्मा की करीब 4 बीघा, रमाकांत चौधरी की 3 बीघा से अधिक एवं मौजूदा प्रधान बिंदु चौधरी का लगभग 13 बिस्वा धान तथा प्रहलाद दुबे की लगभग 1 बीघा धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने जिलाधिकारी से मांग किया कि संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर फसल क्षति का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए और जल्द से जल्द मुआवजा दिलाया जाए। इसी प्रकार क्षेत्र के लगभग सभी गांवों में किसानों को काफी क्षति हुई है जिसका तत्काल सर्वे कराकर किसानों को मुवावजा देने की प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिये।
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