जौनपुर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील शशि के निर्देशन व सिविल जज सी०डि०/सचिव जिला प्राधिकरण सुशील सिंह व जिला प्रोबेशन अधिकारी विजय पाण्डेय ने “निःशुल्क वृद्धजन आवास वृद्धाश्रम सैयद अलीपुर का निरीक्षण व वृद्धाश्रम में विधिक साक्षरता/जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ। सचिव एवं प्रोबेशन अधिकारी ने वृद्धा आश्रम में रह रहे वृद्धजनों से वार्ता की गई एवं उनकी समस्याओं के बारे में पूछताछ की गई। सभी वृद्धजनों द्वारा आश्रम में कोई समस्या नहीं बताई गई। साफ-सफाई को लेकर उचित दिशा-निर्देश दिया गया। तत्पश्चात विधिक साक्षरता/जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ।
शिविर को सम्बोधित करते हुए सिविल जज सी०डि०/सचिव जिला प्राधिकरण ने बालक वृद्ध एवं वयस्क का अंतर बताते हुये बताया कि माता-पिता के भरण पोषण का भार वयस्क पुत्र पुत्री उनकी अनुपस्थिति में पौत्र और पौत्री एवं दत्तक पुत्र का होता है। यदि कोई परेशानी भोजन, वस्त्र, आवास, रहन-सहन, मनोरंजन एवं आपातकालीन परेशानी में हो तो संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, अन्यथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र दें। उन्होंने भरण पोषण की प्रक्रिया को सरल बताते हुये कहा कि एक आवेदन पत्र पर त्वरित रूप से इसका निस्तारण 90 दिन में हो जाता है। अधिक से अधिक 30 दिन उसमें और बढ़ाया जा सकता है। यदि वृद्ध पति पत्नी दोनों एक साथ रह रहे हैं तो एक की मृत्यु हो जाने पर भी पूरी राशि दूसरे को मिलती रहेगी। यदि विदेश में हो तो भी भीम का अनुपालन इस तरह होगा। उन्होंने भरण पोषण की अधिनियम की धारा 7 का वर्णन करते हुये कहा कि यह सभी धर्म पर लागू होता है। उपस्थित वृद्धजनों ने वृद्ध आश्रम की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।
जिला प्रोबेशन अधिकारी विजय पाण्डेय ने संक्षेप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बारे में परिचय देते हुये कहा कि वृद्ध आश्रम में आरामदायक कमरे नियमित पौष्टिक भोजन स्वास्थ्य देखभाल मनोरंजन की नि:शुल्क व्यवस्था राज्य सरकार को करनी पड़ती है। यह देश के संविधान द्वारा भी वर्णित है और आपात सेवा परामर्श और पुनर्वास की व्यवस्था होती है। इस बारे में भारतीय न्याय संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम में विस्तार से वर्णन है। इसके बारे में पारिवारिक और व्यक्तिगत कानून भी बने हैं। पारिवारिक और व्यक्तिगत कानून तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पेंशन योजना और गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों के लिये ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा पेंशन की व्यवस्था का विस्तार से वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पेंशन योजना में रू 1000 तथा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम में रू 200 प्रतिमाह सहायता दी जाती है, यदि 80 से ऊपर है तो उनकी सहायता राशि और बढ़ सकती है। इस अवसर पर प्रबन्धक रमेश उपाध्याय, रवि चौबे, स्टोर कीपर, ज्योति विश्वकर्मा, लेखाकार, महिला देवी, केयर टेकर, रसोइयां सहित अन्य उपस्थित करें।
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