पंचायत सहायकों को दिया गया प्रशिक्षण
विनोद पाल
नौपेड़वा, जौनपुर। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत पंचायत सहायकों के क्षमता संवर्धन और ग्राम पंचायतों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बुधवार को विकास खंड बक्शा सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता एडीओ आरडी संजय श्रीवास्तव ने किया जहां प्रभारी एडीओ पंचायत विजयभान यादव ने दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस मौके पर एडीओ आरडी संजय श्रीवास्तव ने ओआरएस (Own Revenue Sources-ग्राम पंचायत के स्वयं के आय के स्रोत) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों को अपनी आय के स्रोत बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गंभीरता से कार्य करना चाहिए। ओआरएस का उद्देश्य ग्राम पंचायत की स्वयं की आय में वृद्धि कर स्थानीय विकास को गति देना है। पंचायत सहायकों को पंचायत स्तर पर उपलब्ध राजस्व के संभावित स्रोतों की पहचान कर आय बढ़ाने में प्रभावी भूमिका निभानी चाहिये।
प्रभारी एडीओ पंचायत विजयभान यादव ने कहा कि पंचायत सहायकों को शासन की योजनाओं और पंचायत संबंधी कार्यों की जानकारी के साथ ग्राम पंचायत के संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा आय के स्रोत बढ़ाने की जानकारी भी होनी चाहिए। इससे पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी।
इस दौरान महेश तिवारी ने पंचायत स्तर पर संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। प्रशिक्षक अभय एवं नीरा आर्या ने पंचायत सहायकों को पंचायत की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रखरखाव, डिजिटल माध्यमों के उपयोग तथा ग्राम पंचायतों के राजस्व स्रोतों को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
इस अवसर पर सचिव सरिता पाल, कमलेश खरवार, शिवानी श्रीवास्तव सहित समस्त पंचायत सहायक मौजूद रहे। इस दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त करते हुये अपनी जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का समाधान भी कराया।
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