Jaunpur News: जौनपुर में जश्ने यौमुन्न नबी एवं मदहे सहाबा का ऐतिहासिक जुलूस सम्पन्न

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Jaunpur News: जौनपुर में जश्ने यौमुन्न नबी एवं मदहे सहाबा का ऐतिहासिक जुलूस सम्पन्न


संजय शुक्ला

जौनपुर। पूरा मुस्लिम जगत आज इस्लाम के आखरी पैगम्बर और नंबी ईश दूत का जन्मोत्सव मना रहा है। आज के ही दिन 570 ईस्वी मक्का (सऊदी अरब) में नबी साहब का जन्म हुआ था। इनके पिता अब्दुल्लाह, माता अमीना थी। हजरत अल-अमीन (भरोसेमंद) और अस्-सादिक सच्चे थे। पैगंबरी मिली (नबुअत): 610 ईस्वी (40 वर्ष की आयु में, हीरा नामक गुफा में पहली वही यानी ईश्वर की तरफ से संदेश आया हिजरत: 622 ईस्वी में मक्का से मदीना प्रवास (हिजरी कैलेंडर की शुरुआत हुई) मक्का विजय: 630 ईस्वी (बिना खून-खराबे के जीत और दुश्मनों को माफी 632 ईस्वी (63 वर्ष की आयु, मदीना में दुनिया से जाहरी रूप से रुखसत हुये जौनपुर शहर में भी पिछले 126 वर्षों से एक जश्ने यौमुन्न नबी मनाया जा रहा है।

इसी को लेकर लोग अपनी खुशी का इजहार करते हैं जिसमें विभिन्न अंजुमन नात पढ़ती है और विभिन्न अखाड़े अपने करतब दिखाते चलते हैं। जुलूस अपनी पुरानी रिवायत के अनुसार शाम मुख्य अतिथि अंसार अहमद सपा नेता और अध्यक्ष कमेटी ओबैदा शिराजी खान द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना हुआ। पूरी रात विभिन्न अखाड़ों के करतब और अंजुमने अपनी नात पढ़ते हुए ओलन्दगंज से शाही पुल, चहारसू होता हुआ कोतवाली चौराहा के कंट्रोल रूम के सामने से होता हुआ अल्फस्टीनगंज से शाही अटाला मस्जिद पहुंचकर जलसे में तब्दील हो गया।

इस दौरान विभिन्न संस्थानों ने इंस्टॉल लगाकर पानी, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था किया। वहीं अलग—अलग स्टेज से लोग अंजुमनों और अखाड़ों को पुरस्कृत कर उनकी हौसला अफजाई करते रहे। जलसा रात भर बच्चों, औरतों और सभी समुदायों के लोगों से गुलज़ार रहा। कौमी एकजहती राष्ट्रीय एकता प्रोग्राम की अध्यक्षता मौलाना अनवार कासमी ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत कलामे इलाही से यासिर एहसान ने किया। संचालन अबु अकरम कासमी ने किया।

इस दौरान मुख्य वक्ता ने बताया कि हजरत मोहम्मद साहब के आने से पहले समाज में बहुत गिरावट आ चुकी थी। लोग लड़की पैदा होते ही उसे जिंदा दफन कर देते थे। शराब और विभिन्न आपसी रंजिशों के युद्धों से समाज त्रस्त था। ऐसे में हजरत पैगम्बर मक्का शहर में पैदा हुए और पूरी दुनिया में बुराई को दूर करने के लिए एक मिशन चलाया जिसको उनके बाद उनके अनुयायियों ने जारी रखा। कौमी एकजहती कांफ्रेस के विशिष्ट अतिथि अंसार अहमद (सपा नेता), जावेद सिद्दीकी (सपा नेता) डा. सरफराज खान, दानिश खान (सपा नेता) मोहम्मद अयान रहे।

इस मौके पर ओबैदा शिराजी अध्यक्ष मरकजी सीरत कमेटी, इम्तियाज़ अहमद, मो. हसीन, अंसार खान, फिरोज अहमद, मो. फ़राज़ ख़ान, फ़रहान शेख़, अबु हुज़ैफ़ा ख़ान, अबु हुज़ैफ़ा, मो. सादिक, मो. आमिर, रियाजुल हक, नुरुद्दीन मंसूरी, अकरम मंसूरी, अब्दुल सलाम, ताज मोहम्मद, दिलदार अहमद, अनवारूल हक, हफ़ीज़ शाह, शम्स तबरेज़, सद्दाम हुसैन, मास्टर मेराज, फिरोज गांधी, साजिद अलीम, आरिफ हबीब, अमजद अली, कमालुद्दीन अंसारी, मेराज अहमद, ताज शोबी कादरी, सेराज सिद्दीकी, अलमास सिद्दीकी, नेयाज़ ताहिर, जावेद अजीम, राजा नवाब, मो शोएब खां, हाजी इमरान, लारैब लियाकत, साहेबे आलम, अरशद कुरैशी, इमरान, साजिद अनवार, अनवारूल हक, अनवार जौनपुरी, निखिलेश सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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