गृहस्थी का सामान व खाद्यान्न राख
पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे
पशु चिकित्सक की तलाश में भटकता रहा पीड़ित
डाॅ. प्रदीप दूबे
सुइथाकला, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के शेखाही गांव में सोमवार की देर रात करीब डेढ़ बजे रिहायशी मड़हे और पशुशाला में अचानक आग लगने से गृहस्थी का सामान, खाद्यान्न समेत पूरा सामान जलकर राख हो गया। पशुशाला में बंधी 7 माह की बछिया की झुलसने से मौत हो गई। हादसे के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।
जानकारी के अनुसार उक्त गांव निवासी विशाल यादव पुत्र स्व. केदारनाथ यादव आर्थिक तंगी के चलते दो खंड का मड़हा डालकर परिवार के साथ रहते हैं। एक हिस्से में परिवार रहता था जबकि दूसरे में पशु बांधे जाते थे। पुराना कच्चा मकान काफी पहले बारिश के दौरान गिर गया था। परिवार के पुरुष रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर रहते हैं। सोमवार रात बड़ी बहू अपने दो बच्चों के साथ रिहायशी मड़हे में सो रही थी। करीब डेढ़ बजे अचानक आग लग गई। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन तब तक मड़हा और उसमें रखा सामान जलकर राख हो चुका था।
पशुशाला में बंधी गाय खूंटा उखाड़कर किसी तरह बाहर निकल गई लेकिन सात माह की बछिया आग की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। सूचना पर थानाध्यक्ष रामाश्रय राय मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी लिये। मंगलवार सुबह हल्का लेखपाल ने भी मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन किया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।
बछिया के पोस्टमार्टम के लिये भटकता रहा पीड़ित
आग में झुलसकर मरी बछिया का पोस्टमार्टम कराने के लिए मंगलवार को पीड़ित घंटों पशु चिकित्साधिकारी की तलाश में मोबाइल पर जानकारी जुटाता रहा। स्थानीय स्तर पर पशु चिकित्सक के संबंध में स्पष्ट जानकारी न मिलने पर उसने राजकीय पशु चिकित्सालय अढ़नपुर में पूर्व में तैनात रहे पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक सिंह पालीवाल से संपर्क किया। उन्होंने गैर जनपद में तैनाती होने की बात कहते हुए असमर्थता जताई। खबर लिखे जाने तक पीड़ित पोस्टमार्टम को लेकर परेशान रहा। लोगों ने पशुपालन विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए स्थानीय स्तर पर पशु चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग किया।
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