केराकत, जौनपुर। हम अपने बच्चों को कार दें या न दें, मगर संस्कार जरूर दें, क्योंकि कार से व्यक्ति बड़ा आदमी बनता है तो संस्कार से भला आदमी बनता है। उक्त बातें कमलापुरी निवास में अरायोजित 3 दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव में वाराणसी से पधारे मानस कोविद डा. मदन मोहन मिश्र ने श्रीराम कथा के दूसरे दिन बताया। साथ ही आगे बताया कि प्रभु श्रीराम ने बालि से कहा कि परस्त्री पर कुदृष्टि डालने वाले को दण्ड देने में कोई दोष नहीं है। बालि ने अपने बेटे अंगद को प्रभु श्रीराम के हाथों में पकड़ाते हुये कहा कि विकार आने पर आपका चरण छूट सकता है लेकिन जब आप अपने हाथ से पकड़ लेंगे तो छूटने का भय नहीं रह जायेगा। जहां बालि पहले बल का प्रयोग करता है, बाद में विनम्रता का वही अंगद पहले विनम्रतापूर्वक बात करते हैं। बाद में बल का प्रदर्शन करते हैं। इस मौके पर आये लोगों का स्वागत आयोजक अरुण कुमार ने किया। अन्त में अजीत कुमार ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
Jaunpur News: हम अपने बच्चों को संस्कार अवश्य दें: डा. मदन मोहन
अगस्त 23, 2026
follow us
.jpg)






