प्रेमी ने लाठी से हमला करके की थी हत्या
सोंगर हत्याकाण्ड का पुलिस ने किया खुलासा
सर्विलांस सहित अन्य साक्ष्यों से आरोपित तक पहुंची पुलिस
राकेश शर्मा
खेतासराय, जौनपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के सोंगर गांव में विवाहिता राशिदा की नृशंस हत्या का पुलिस ने 4 दिन के भीतर खुलासा करते हुए उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मामा के घर आयोजित शादी समारोह में शामिल होने को लेकर हुए विवाद में प्रेमी ने लाठी से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपित तक पहुंची पुलिस ने उसे मानीकला हॉल्ट के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
थाना क्षेत्र के सोंगर गांव निवासी राशिदा पुत्री मकरुल्लाह का शव 13 जुलाई को गांव के बाहर बांस की कोठ के पास क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था। शव का एक हाथ और पंजा गायब था जबकि सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई टीमें गठित कर जांच शुरू की थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि राशिदा का गांव के ही क्यूंम उर्फ कयामुद्दीन पुत्र मोहम्मद मतीन से प्रेम संबंध था। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसने राशिदा को उसके मामा के घर आयोजित शादी समारोह में जाने से मना किया था। इसके बावजूद वह शादी में चली गई। इसी बात को लेकर वह नाराज था।
पुलिस के मुताबिक घटना वाली रात उसने राशिदा को बातचीत के बहाने गांव के बाहर बसवारी के पास बुलाया। वहां दोनों के बीच कहासुनी हुई और गुस्से में आकर उसने लाठी से उसके सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपित फरार हो गया।
डीएसपी शाहगंज गिरेंद्र सिंह ने बताया कि सर्विलांस सेल से मिले इनपुट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से घटना की कड़ियां जुड़ीं। मेडिकल रिपोर्ट में भी सिर पर गंभीर चोट को ही मौत का कारण बताया गया है। इसके बाद खेतासराय पुलिस ने मानीकला हॉल्ट के पास से आरोपित को उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह क्षेत्र छोड़कर भागने की फिराक में था।
पुलिस के अनुसार राशिदा की शादी करीब दो वर्ष पहले अपने रिश्ते में मौसी के बेटे से हुई थी। वैवाहिक जीवन में अनबन के कारण वह पिछले कुछ समय से मायके में रह रही थी। आठ जुलाई को वह अपने मामा के घर शादी समारोह में गई थी। इसके बाद वह लापता हो गई। परिजनों की सूचना पर पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान 13 जुलाई को उसका शव गांव के बाहर बरामद हुआ। आरोपित को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह, हेड कांस्टेबल जितेंद्र यादव तथा कांस्टेबल सोनू गौड़ और उत्तम सिंह शामिल रहे।
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