बोले— हम सब आदम की औलादें हैं, वही हमारे पूर्वज थे
संजय शुक्ला
जौनपुर। विश्वविख्यात इस्लामिक स्कॉलर मौलाना डॉ. कल्बे रुशेद रिजवी ने नगर के बाजार भुआ स्थित मीर बहादुर अली इमामबाड़े में मजलिस अलम नौचंदी को खेताब करने के बाद पत्रकारों से कहा कि हमारे पूर्वज आदम थे और हम सब उनकी औलादे हैं। सनातन धर्म हो या इस्लाम, सभी को यह आजादी है कि वह अपने ईश्वर, अल्लाह, गॉड, भगवान को अपने तरीके से याद करके पूजा अर्चना कर सकते हैं। जो लोग कह रहे हैं कि अपने पूर्वजों की परम्परा को अपनाये नहीं, वह शायद भूल गये कि हम सब आदम और हौव्वा की औलाद हैं जो इस धरती पर आज के श्रीलंका में सबसे पहले धरती पर आये थे।
पीओके पर उन्होंने कहा कि वह कल भी हमारा था, आज भी हमारा है और कल भी हमारा रहेगा। आज सरहद के उसे पार जिस तरह से पाकिस्तान की फौज वहां की आवाम पर जुल्म ज्यादती के साथ लोगों का खून बहा रही है, वह पूरी दुनिया देख रही है। अब वह दिन दूर नहीं जब पीओके की आवाम भी हिंदुस्तान के साथ मिलकर देश को आगे बढ़ने का काम करेगी। मौलाना ने कहा कि आज ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बन्द होने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा तो सरकारे परेशान हो गयी परंतु लोग शायद यह भूल गये कि तमाम प्रतिबन्ध के बावजूद विगत 40 वर्षों से ईरान जैसा छोटे से मुल्क ने कैसी अपनी अर्थव्यवस्था को बनाये रखने के साथ सुपर पावर अमेरिका व इजरायल से अपना हक पाने के लिये जद्दोजहद करके सुपर पावर अमेरिका को टक्कर दे रहा है। आज जब उसके देश की अस्मिता पर हमला करके उनके सुप्रीम लीडर की अयातुल्लाह ख़ामेनेई सहित सैकड़ों लोगों की हत्या कर अंतरराष्ट्रीय कानून के सरेआम धज्जियां उड़ाईं तो पूरी दुनिया खामोश कैसे रह सकती है? उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के जब 3 करोड़ से अधिक लोग वहां पहुंचे तो सभी हैरान रह गये लेकिन वह शायद यह भूल गये कि ईरान के लोग अपना खून तो बहा देंगे परंतु किसी ज़ालिम के सामने सर नहीं झुकायेंगे, क्योंकि यह दर्स उन्होंने कर्बला से सीखा है।
मौलाना ने कहा कि कभी अन्ना हजारे के आंदोलन में बाबा रामदेव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जंतर—मंतर पर प्रदर्शन करने बैठे थे, आज उन्होंने सोनम वांगचुक की दिल्ली के जंतर मंतर पर जारी आमरण अनशन पर कहा कि उनका अनशन लोकतांत्रिक तरीके से जंतर—मंतर पर चल रहा है। हाई कोर्ट की निगरानी में उनके स्वास्थ्य परीक्षण की जांच भी चल रही है। जिन मुद्दों को लेकर उनका आमरण आमरण अनशन जारी है, उम्मीद है कि सरकार उसे पर विचार करेगी और देश के हित में फैसला लेते हुए जल्द से अनशन समाप्त करवाने का काम करेगी, क्योंकि उनकी ये मांग उन छात्र—छात्राओं से है जो लगातार पेपर लीक के चलते परेशान हो रहे हैं। अयोध्या में जिस तरह से राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला सामने आया है, उसे सभी की आस्था को ठेस पहुंचाई है। चाहे वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार का मामला हो या अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी का, दोनों ही लोगों की आस्था पर चोट पहुंचाती है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि जांच में जो दोषी पाया जाय, उसे कड़ी सज़ा दी जाय।
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