मोबाइल व नगदी बरामद, 229 एनसीआरपी शिकायतों से जुड़े बैंक खाते का हुआ खुलासा
देवी प्रसाद शर्मा
आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार द्वारा जनपद में साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान "साइबर ठगी के जड़ में वार" के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) पंकज श्रीवास्तव एवं क्षेत्राधिकारी नगर के निर्देशन तथा प्रभारी साइबर सेल उ0नि0 रवि प्रकाश गौतम के नेतृत्व में साइबर सेल पुलिस टीम द्वारा साइबर अपराधियों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।
पत्रकारों से हुई वार्ता के दौरान बताया गया कि साइबर सेल पुलिस टीम पर प्राप्त संदिग्ध बैंक खाता संख्या 44509285469 से संबंधित एनसीआरपी शिकायतों में प्रदर्शित चेक, एटीएम एवं यूपीआई ट्रांजेक्शन की जांच कर रही थी। जांच के दौरान संदिग्ध खाताधारक रवि कुमार को पूछताछ हेतु साइबर सेल बुलाया गया। पूछताछ एवं उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया। रवि जनपद के सरायमीर थाना क्षेत्र के फत्तूनपुर निवासी श्रीराम प्रसाद का पुत्र है जिसके पास से 1 मोबाइल एवं 1,910 नगद (साइबर ठगी से संबंधित धनराशि) बरामद हुआ।
पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वर्ष 2025 में उसने अपने साथी जितेन्द्र कुमार के कहने पर आर.जे. इन्फ्रा नाम से एक फर्जी फर्म बनाकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, हरबंशपुर शाखा में करंट खाता खुलवाया था। खाता खुलवाने के बाद पासबुक, चेकबुक एवं एटीएम कार्ड अपने साथी को सौंप दिए। बदले में उसे पहले 15,000 तथा बाद में 5,000 कमीशन मिला। उक्त खाते का उपयोग साइबर ठगी की धनराशि प्राप्त करने एवं उसके लेन-देन के लिए किया जाता था। बैंक से खाते पर साइबर शिकायत की जानकारी मिलने पर उसका अपने साथी से विवाद हो गया जिसके बाद साथी फरार हो गया।
अभियुक्त ने यह भी स्वीकार किया कि बरामद 1,910 साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि का शेष भाग है। पुलिस द्वारा फरार आरोपी, बैंक खातों एवं पूरे साइबर नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। अभियुक्त के विरुद्ध थाना साइबर क्राइम पर धारा 317(2), 318(4), 319(2) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई।
गिरफ्तारी करने वाली टीम
रवि कुमार को पकड़ने वाली पुलिस टीम में उ0नि0 रवि प्रकाश गौतम प्रभारी साइबर सेल एवं हे0का0 ओम प्रकाश जायसवाल साइबर सेल शामिल रहे जिन्होंने बताया कि जनपद पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, चेकबुक, एटीएम कार्ड अथवा बैंकिंग सुविधाएं किसी अन्य को उपयोग के लिए न दें। कमीशन अथवा अधिक लाभ के लालच में बैंक खाते उपलब्ध कराना भी साइबर अपराध में सहभागिता है और इसके लिए कठोर कानूनी कार्रवाई की जाती है। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायें।
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