New Delhi News: उत्तराखण्ड के राज्यपाल ने प्रो. केपी जी की पुस्तकों का किया विमोचन

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New Delhi News: उत्तराखण्ड के राज्यपाल ने प्रो. केपी जी की पुस्तकों का किया विमोचन


कहा— लिखित विचार कभी नहीं मरते, वह पुस्तकों में जीवित रहते हैं

बादल हुसैन

नई दिल्ली। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष, गांधी भवन के निदेशक प्रो. केपी सिंह द्वारा लिखित उत्तराखंड के राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह के जीवन पर केंद्रित दो पुस्तकों का लोकार्पण उत्तराखंड निवास चाणक्य पुरी के सभागार में संपन्न हुआ। प्रो. सिंह द्वारा संपादित एवं अटल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक "The Leadership Funnel- Lt. Gn. Gurmit Singh's journey as Governer और From Thought to Ink - A Collection of Lt. Gn Gurmit Singh's writings का विमोचन राज्यपाल गुरमीत जी ने किया। इस आयोजन में राष्ट्रीय सैनिक संघ के सैनिक, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राचार्य और प्रोफेसर शामिल हुये। इसके पहले महामहिम का स्वागत प्रो केपी सिंह ने अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ व स्मृति चिन्ह देकर किया। अटल प्रकाशन से उपासना काबरा ने महामहिम सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने अटल प्रकाशन द्वारा आधुनिक तकनीकी पर आधारित पुस्तकों के प्रकाशन के विषय में जानकारी दी। साथ ही प्रो केपी द्वारा संपादित इन दो महत्वपूर्ण पुस्तकों के विमोचन के लिए आभार प्रकट किया।

दोनों पुस्तकों का परिचय देते हुए प्रो. केपी ने बताया कि प्रथम पुस्तक The Leadership Funnel में राज्यपाल के उत्तराखंड के बहुआयामी विकास में योगदान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई है। पहाड़ों की यथास्थिति को बनाए रखते हुए उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए प्रदेश को विकास की ओर अग्रसर करना।उसके बाद शिक्षा के क्षेत्र में विकास के साथ पर्यटन एवं विशेष रूप से देवभूमि के मूल स्वभाव को जीवंत रखते हुए तीर्थ स्थलों के विकास में अभूतपूर्व योगदान को रेखांकित किया गया। द्वितीय पुस्तक From Thought to Ink के विषय में बात करते हुए कहा कि इस पुस्तक में लेफ्टिनेंट जनरल ने स्वयं के लेखन चिंतन मनन आदि का विस्तार पूर्वक वर्णन किया गया है।

इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि यह पुस्तकें केवल प्रकाशन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की विकास यात्रा, जनसेवा के संकल्प और राष्ट्रहित के दृष्टिकोण का जीवंत दस्तावेज हैं। ‘द लीडरशिप फनल’ उनके व्यक्तिगत कार्यकाल की नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के युवाओं, महिलाओं, सैनिकों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों और कर्मयोगियों की सामूहिक यात्रा को प्रतिबिंबित करती है। भारतीय सेना में 4 दशकों से अधिक सेवा और राज्यपाल के रूप में दायित्व निर्वहन के दौरान राष्ट्र प्रथम उनके जीवन का मूल आधार रहा है। विकसित भारत का मार्ग विकसित राज्यों से होकर गुजरता है और उत्तराखण्ड को शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, पर्यटन, संस्कृति एवं आध्यात्मिकता के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। उत्तराखंड आज हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है वह किसी भी राज्य से पीछे नहीं है।

प्रकाशक संदीप जैन एवं अटल प्रकाशन की टीम को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई देते हुए महामहिम ने उनके शोध, समर्पण और परिश्रम की सराहना किया। अंत में प्रो.राकेश कुमार भट्ट ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पिंकी शर्मा ने किया। इस अवसर पर अटल प्रकाशन के निदेशक डॉ. संदीप जैन, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों में खालसा कॉलेज के प्राचार्य प्रो. गुरमोहिंदर सिंह, प्रो. हंसराज सुमन, प्रो. मनोज कैन, डॉ ज्ञानेंद्र नारायण सिंह, राष्ट्रीय सैनिक संस्था के सैनिक कर्नल मुकेश त्यागी, गौरव सेनानी, चंदन सिंह, गौरव सेनानी, गणेश दत्त, लेफ्टिनेंट वेद प्रकाश शर्मा, कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी, मोनिका गोयल, डॉ मधु सिंह, एडवोकेट अंशु त्यागी, संध्या त्यागी सहित तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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