आशीष मौर्य
सुरेरी, जौनपुर। रामपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत रघुनाथपुर में विकास कार्यों में अनियमितता और फर्जी हस्ताक्षर के आरोपों की जांच करने के लिए जिला स्तर की टीम गांव पहुंची। इस दौरान पंचायत भवन में सैकड़ों ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार उक्त गांव निवासी समाजसेवी प्रदीप पांडेय ने ग्राम प्रधान पर सरकारी योजनाओं में गंभीर अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर जांच की मांग की थी। शिकायत में मनरेगा योजना के तहत फर्जी मास्टर रोल तैयार कर बिना कार्य कराए सरकारी धन निकालने, नजदीकियों के खातों में भुगतान कराने, तालाब, सड़क, विद्यालय, पंचायत भवन सहित अन्य स्थानों पर फर्जी कार्य दिखाकर भुगतान लेने का आरोप लगाया गया था।
जिलाधिकारी के निर्देश पर पेशवार समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र विश्वकर्मा अपनी टीम के साथ ग्रामसभा रघुनाथपुर पहुंचे और शिकायत में दिए गए बिंदुओं के आधार पर मौके पर जाकर जांच की। टीम ने ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किये। अधिकारी नागेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर जांच की जा रही है। मौके पर विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया गया है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव के अभिलेखों के आधार पर जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जायेगी।
वहीं शिकायतकर्ता प्रदीप पांडेय ने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत तालाब खुदाई, इंटरलॉकिंग, मेड़बंदी सहित कई कार्यों में अनियमितता हुई है। उन्होंने जेसीबी से तालाब खुदाई, बिना कार्य कराए भुगतान, पंचायत भवन व आंगनबाड़ी केंद्र के अधूरे कार्य तथा विद्यालय की बाउंड्रीवाल में मानक की अनदेखी का आरोप लगाया। कुछ लाभार्थियों ने आवास योजना के नाम पर 20 से 30 हजार रुपये लेने का भी आरोप लगाया। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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