100 दिन से बिना वेतन पसीना बहा रहे योग प्रशिक्षक
जौनपुर। भूखे पेट भजन न होय गोपाला...। यह कहावत आज जिले के योग प्रशिक्षकों की स्थिति पर पूरी तरह फिट बैठती नजर आ रही है। अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां तेज हैं और 15 से 21 जून तक योग सप्ताह के तहत कार्यक्रमों की रूप—रेखा बनायी जा रही है लेकिन मैदान में योग कराने वाले प्रशिक्षक पिछले लगभग 100 दिनों से बिना वेतन के काम करने को मजबूर हैं।
आयुष विभाग के अन्तर्गत जिले में तैनात दर्जनों योग प्रशिक्षक सुबह-सुबह विभिन्न स्थानों पर लोगों को योगाभ्यास कराते हैं और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करते हैं। इसके बावजूद उनका आरोप है कि विभाग उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रहा है। पुरुष योग प्रशिक्षकों को लगभग 8 हजार रुपये और महिला प्रशिक्षकों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित है लेकिन यह भी समय पर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
योग प्रशिक्षकों का कहना है कि आर्थिक संकट के बावजूद वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। कई प्रशिक्षकों ने बताया कि घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है, फिर भी वे योग सत्र नियमित रूप से संचालित कर रहे हैं ताकि आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित न हो। प्रशिक्षकों ने मांग किया कि लम्बित वेतन जल्द से जल्द जारी किया जाय और भविष्य में भुगतान की प्रक्रिया को नियमित बनाया जाय, ताकि उनके मनोबल पर असर न पड़े और योग अभियान सुचारु रूप से चलता रहे।
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