Jaunpur News: आम लोगों तक पहुंचेंगे अधिक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद

Aap Ki Ummid
follow us
Jaunpur News: आम लोगों तक पहुंचेंगे अधिक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद


अल्ट्रासोनिक गैर-विनाशकारी तकनीक से उद्योगों को नयी दिशा

जौनपुर। यदि किसी मशीन, भवन, पुल, विमान के पुर्जे या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की गुणवत्ता बिना उसे क्षति पहुंचाये जांची जा सके तो न केवल उद्योगों का खर्च कम होगा, बल्कि आम लोगों तक अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद भी पहुंचेंगे। इसी दिशा में पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान में रविवार को शोधार्थी प्रशांत श्रीवास्तव की पीएच.डी. उपाधि हेतु मौखिकी परीक्षा सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। उन्होंने "औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए उभरते हुये पदार्थों का अल्ट्रासोनिक गैर-विनाशकारी तकनीकों द्वारा अभिलक्षणन" विषय पर अपना शोध कार्य प्रस्तुत किया। यह शोध भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद यादव के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।

विवि के शोध सभागार में आयोजित मौखिकी परीक्षा के दौरान प्रशांत श्रीवास्तव ने अपने शोध कार्य की विस्तृत प्रस्तुति देते हुये बताया कि वर्तमान में उदीयमान एवं नैनोसंरचित पदार्थों का उपयोग उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा, एयरोस्पेस, रक्षा, चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे पदार्थों की गुणवत्ता और मजबूती की जांच के लिए अल्ट्रासोनिक गैर-विनाशकारी तकनीक अत्यन्त प्रभावी और विश्वसनीय माध्यम है। इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसी पदार्थ को नुकसान पहुंचाए बिना उसके भीतर मौजूद सूक्ष्म दोषों, संरचनात्मक परिवर्तनों तथा भौतिक गुणों का सटीक आकलन किया जा सकता है। इससे उद्योगों में गुणवत्ता नियंत्रण मजबूत होगा, उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी जिसका सीधा लाभ आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित और बेहतर उत्पादों के रूप में मिलेगा।

इसी क्रम में इस सामग्री को आर्द्रता संवेदक (ह्यूमिडिटी सेंसर) के रूप में विकसित कर उसकी संवेदनशीलता, प्रतिक्रिया समय, पुनर्प्राप्ति समय, स्थिरता और पुनरुत्पादकता का भी मूल्यांकन किया गया। शोध के परिणामों से यह सिद्ध हुआ कि विकसित नैनोकॉम्पोजिट आर्द्रता मापन के लिये अत्यन्त प्रभावी है। भविष्य में इसका उपयोग कृषि, खाद्यान्न भंडारण, अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों, पर्यावरणीय निगरानी जैसे क्षेत्रों में किया जा सकेगा जिससे आम जनजीवन को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।



ads 


ads

ads

ads

ads

ads

ads

ads
ads


ads

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!