जौनपुर। उप निदेशक कृषि ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कृषि स्नातकों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि निवेश के साथ कृषि प्रसार सेवाये उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ’प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन’ (एग्रीजंक्शन) योजना’ जौनपुर में संचालित है।
जनपद में निवास करने वाले बेरोजगार जो कृषि एवं सहबद्ध विषयों यथा कृषि व्यवसाय प्रबन्धन-उद्यान, पशुपालन, वानिकी, दुग्ध, पशु चिकित्सा, मुर्गी पालन, जो किसी राज्य/केन्द्रीय विश्वविद्यालय या किसी अन्य विश्वविद्यालयों से डिग्रीधारी है, जो आई0सी0ए0आर0/यू0जी0सी0 द्वारा मान्यता प्राप्त हो, पात्र होंगे। आयु 40 वर्ष से अधिक न हो, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं महिलाओ को आयु में अधिकतम 5 वर्ष की छूट। जनपद स्तर पर जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा चयन किया जायेगा।
आवेदनकर्ता द्वारा आवेदन कृषि विभाग की विभागीय वेबसाइड पर दिये गये लिंक के माध्यम से आन्लाईन किया जायेगा। आवेदन करने की अन्तिम तिथि 30 मई निर्धारित है। आवेदन करने हेतु कोई भी शुल्क देय नहीं होगा।
चयनित लाभार्थी को ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आर सेटीज) द्वारा निःशुल्क 13 दिवसीय उद्यम स्थापना एवं संचालन सम्बन्धी प्रशिक्षण।कृषि निवेशो (बीज, उर्वरक, एवं कीटनाशी) पर निर्गत किये जाने वाले लाइसेन्स शुल्क की प्रतिपूर्ति की सुविधा दी जाएगी। केन्द्र परिसर किराया 2000 रू0 प्रतिमाह (केवल प्रथम वर्ष (12 माह) हेतु एग्रीजंक्शन केन्द्र की स्थापना हेतु बैंक द्वारा स्वीकृत 3.50 लाख ऋण पर अग्रिम ब्याज अनुदान अधिकतम 42000 हजार रू0 (बैंक इण्डेड स्ब्सिडी के रूप में) की सहायता प्रदान की जाएगी। बैंक ऋण स्वीकृत 3.50 लाख से कम होने की दशा में अग्रिम ब्याज अनुपातिक रूप से कम होगा। योजना के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय उप निदेशक कृषि में उपस्थित होकर प्राप्त की जा सकती है।
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