Jaunpur News: श्रमिक पंजीयन, नवीनीकरण एवं बोर्ड से संचालित विभिन्न हितकारी योजनाओं के आवेदन आमंत्रित

Aap Ki Ummid
follow us

बृजेश यादव

जौनपुर। सहायक श्रमायुक्त देवब्रत यादव ने बताया कि श्रम विभाग के अन्तर्गत उ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के हितार्थ पंजीकृत निर्माण श्रमिक के परिवार में बच्चे के जन्म से लेकर मृत्यु होने तक निम्नलिखित योजनाएं संचालित हैं।

मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना- श्रमिक के यहां पुत्र होने की दशा में एकमुश्त 26,000 तथा पुत्री होने पर रू0 31,000 प्रति शिशु की दर से देय होगा। महिला श्रमिक के आवेदक होने की स्थिति में तीन माह की न्यूनतम मजदूरी के बराबर सहायता धनराशि देय है। पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की प्रथम पुत्री के जन्म की स्थिति में 25,000 पुत्री के नाम से 18 वर्ष तक की आयु के लिए सावधि जमा किया जाता है। निर्माण श्रमिक के प्रथम दो बच्चों तक हितलाभ देय।

संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना- पंजीकृत निर्माण श्रमिक के दो बच्चों तक कक्षा 1 से लेकर उच्च शिक्षा तक अध्ययनरत होने की दशा में क्रमशः 2,000 से लेकर 1,00,000 तक एक मुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी।

अटल अवासीय विद्यालय योजना- अटल आवासीय विद्यालय वाराणसी में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, छात्रावास, खान-पान, खेलकूद, चिकित्सा, सुरक्षा आदि सुविधा, प्रदान किये जाने का उत्तरदायित्व विद्यालय प्रबन्धन समिति का होगा।

कन्या विवाह सहायता योजना- श्रमिक की पुत्री अथवा पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिक के स्वयं के विवाह हेतु 65,000 की धनराशि बोर्ड द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी तथा अंतर्जातीय विवाह हेतु रु0 75,000 एवं सामूहिक विवाह में रू0 85,000 की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जायेगी।

गम्भीर बीमारी सहायता योजना- सरकारी/स्वायत्त शासी चिकित्सालयों अथवा SACHIS के इम्पैनल्ड चिकित्सालयों में इलाज कराने पर आयुष्मान भारत योजना में देय हितलाभ के समतुल्य राशि पूर्ण प्रतिपूर्ति चिकित्सा/शल्यक्रिया में चिकित्सालय द्वारा इलाज का स्टीमेट दिये जाने पर चिकित्सालय को अग्रिम राशि का भी भुगतान किया जा सकता है।

महात्मा गांधी पेंशन योजना- प्रत्येक पात्र श्रमिक को प्रतिमाह की दर से 1,000 की धनराशि देय है। लाभार्थी श्रमिक की मृत्यु होने की दशा में पेंशन की धनराशि उसकी पत्नी/ पति, जैसी भी स्थिति हो, को देय होगी।

कौशल विकास तकनीकी, उन्नयन एवं प्रमाणन योजना- इस योजना के अन्तर्गत श्रमिक के स्वयं प्रशिक्षण लेने पर उसके प्रशिक्षण अवधि में न्यूनतम वेतन का भुगतान तथा उनके दो बच्चों तक निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।

शौचालय सहायता योजना- शौचालय बनाये जाने हेतु पात्र श्रमिकों को दो किस्तों में 12,000 तक उनके बैंक खाते में जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा देय होगा।

आपदा राहत सहायता योजना- अद्यतन पंजीकृत निर्माण श्रमिक को आपदा के समय रू0 1,000 एक मुश्त वार्षिक/अद्धवार्षिक/त्रैमासिक/मासिक के रूप में, जैसा की केन्द्र राज्य सरकार अथवा बोर्ड द्वारा विहित किया जाय।

निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना- पंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्यस्थल पर दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु की स्थिति में रू0 5,25,000 एवं सामान्य मृत्यु की स्थिति में 2,25000 का भुगतान मृतक के आश्रित/आवेदक को प्रदान की जायेगी।

ऐसे सभी निर्माण श्रमिक जो 18 से 60 वर्ष के आयु के है और जिन्होंने पंजीकरण के समय पिछले 12 माह में 90 दिनों तक निर्माण श्रमिक के रूप में कार्य किया हो, वे अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, नॉमिनी के आधार कार्ड की छायाप्रति, अपना मोबाइल (ओटीपी हेतु) के साथ अपने निकटतम सहज जनसेवा केन्द्र पर जाकर अपना श्रमिक पंजीयन, नवीनीकरण एवं योजनाओं में आवदेन करा सकते हैं। साथ ही श्रमिक द्वारा अपने स्मार्टफोन से upbocw.in पर जाकर स्वयं किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिये कार्यालय के 05452-316105 एवं कार्यालय सहायक श्रमायुक्त में किसी भी कार्य दिवस में सम्पर्क कर सकते हैं।



ads

ads

ads

ads

ads

ads

ads

ads
ads

 

ads

ads



#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!