अवधेश मौर्य
जौनपुर। श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण दिव्य वातावरण में संत निरंकारी मिशन द्वारा युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह की स्मृति में नगर के मड़ियाहूं पड़ाव स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन सहित जनपद के 42 ब्रांचों में समर्पण दिवस पर भावपूर्ण सत्संग का आयोजन हुआ।
उक्त अवसर पर सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज के पावन संदेशों को बताते हुये स्थानीय मीडिया सहायक उदय नारायण जायसवाल ने बताया कि बाबा जी का सम्पूर्ण जीवन मानवता, सेवा और प्रेमा भक्ति का दिव्य उदाहरण रहा। उन्होंने प्रेरित किया कि मानव जीवन का प्रत्येक क्षण सार्थक बने और हर पल इंसानियत, करुणा एवं मानवीय मूल्यों का प्रमाण प्रस्तुत करे। बाबा जी ने सदैव यही शिक्षा दी कि प्रत्येक व्यक्ति अपने भीतर मानवीय गुण विकसित कर निराकार का आसरा लेते हुए सार्थक एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जीयें।
अमर सन्त अवनीत जी के समर्पित जीवन का उल्लेख करते हुए सतगुरु माता जी ने बताया कि सच्चा समर्पण वही है जिसमें सेवा का भाव केवल विचारों में नहीं, बल्कि व्यवहार और प्राथमिकताओं में स्पष्ट दिखाई दे। उन्होंने गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियों के साथ संगत, सेवा और भक्ति को सर्वोपरि रखकर यह प्रेरणा दी कि पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन में रहते हुए भी पूर्ण निष्ठा से समर्पित जीवन जिया जा सकता है। अन्त में उन्होंने आशीर्वाद दिया कि प्रत्येक जीवन सेवा, सुमिरण और सत्संग को अपनी प्राथमिकता बनाए तथा हर हृदय निराकार में समर्पित होकर प्रेम, शांति और मानवता बाँटने का सशक्त माध्यम बने। उक्त अवसर पर तमाम निरंकारी भाई, बहन आदि उपस्थित रहे।
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