राजेश पाल
धर्मापुर/गौराबादशाहपुर, जौनपुर। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गौराबादशाहपुर थाना पुलिस ने अलग-अलग गांवों से शांति भंग करने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया है। उपनिरीक्षक वीर बहादुर सिंह थाने पर जनसुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान ग्राम असवारा में मकान निर्माण व कब्जेदारी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद की बात सामने आई। इसमें पहले पक्ष से सभाजीत राजभर व राजकुमार राजभर और दूसरे पक्ष से विकास राजभर व दलसिगार राजभर (निवासीगण तारा) के बीच जमीन के बंटवारे और कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था।
पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने पर तलब कर समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया लेकिन वे शांत होने के बजाय पुलिस और जनता के सामने ही आपस में भिड़ने और फौजदारी पर आमदा हो गये। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने दोपहर करीब 3 बजे चारों को हिरासत में ले लिया। इसी क्रम में ग्राम तरसंड में रास्ते से आने-जाने के विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने थे। इसमें पहले पक्ष के हर्ष सिंह और दूसरे पक्ष के प्रदीप शर्मा के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस द्वारा समझाने पर भी जब दोनों पक्ष मानने को तैयार नहीं हुए और माहौल बिगाड़ने लगे तो पुलिस ने शाम करीब चार बजे दोनों को हिरासत में ले लिया।
वहीं तरसंड गांव में ही मैनपुरी जनपद के थाना वेवर अंतर्गत मद्दनपुर खास निवासी सतीश कुमार पुत्र बृजराज सिंह शराब के नशे में लोगों को गाली-गलौज कर रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब उसे समझाने का प्रयास किया तो वह पुलिस से ही उलझने लगा जिसके बाद पुलिस ने उसे भी शाम चार बजे हिरासत में ले लिया। पुलिस टीम ने पकड़े गए सभी आरोपी सभाजीत राजभर, राजकुमार राजभर, विकास राजभर, दलसिगार राजभर, हर्ष सिंह, प्रदीप शर्मा, सतीश कुमार का शांति भंग की आशंका में चालान कर उपजिलाधिकारी न्यायालय सदर जौनपुर भेज दिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक वीर बहादुर सिंह और हमराही पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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