मुक्तेश्वर प्रसाद महाविद्यालय में हुई कायस्थ चेतना संगोष्ठी
शुभांशू जायसवाल
जौनपुर। नगर के मुक्तेश्वर प्रसाद महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कायस्थ चेतना संगोष्ठी में कायस्थ समाज की एकजुटता और राजनीतिक भागीदारी पर जोर दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजय शंकर श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ समाज का इतिहास देश की आज़ादी से लेकर स्वतंत्र भारत तक गौरवशाली रहा है। चाहे प्रशासनिक सेवाएं हों या राजनीति, हर क्षेत्र में कायस्थों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान में समाज राजनीतिक रूप से हाशिए पर पहुंचता जा रहा है जिसका मुख्य कारण टिकट वितरण में उपेक्षा है। उन्होंने आह्वान किया कि समाज को अब स्वयं आगे आकर राजनीतिक रूप से सशक्त बनना होगा तभी अन्य क्षेत्रों में भी मजबूती आएगी।
इसके पहले कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती एवं भगवान चित्रगुप्त की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद संयोजक अंजनी श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का अभिनंदन किया। वहीं राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र सिन्हा ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस, जय प्रकाश नारायण, राजेंद्र प्रसाद जैसे महापुरुषों से प्रेरणा लेकर उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
गोरखपुर मंडल अध्यक्ष अमरेश श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान में समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। वहीं विशिष्ट अतिथि कर्मचारी नेता राकेश श्रीवास्तव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि चुनाव में कायस्थ समाज ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया जिसके लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया। इसके अलावा प्रदीप अस्थाना, सरोज श्रीवास्तव, दयाल शरण, कृष्ण कुमार सिंहा, राकेश साधु, रामेंद्र नाथ श्रीवास्तव सहित अन्य वक्ताओं ने भी समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आनंद मोहन श्रीवास्तव एवं संचालन वरिष्ठ पत्रकार संजय अस्थाना ने किया। अन्त में आनंद शंकर श्रीवास्तव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मनोज श्रीवास्तव, श्याम रतन श्रीवास्तव, धीरज श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, अखिलेश श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव, संदीप अस्थाना, बबलू अस्थाना सहित तमाम स्वजातीय बन्धु उपस्थित रहे।
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