मौसमी सब्जी का सेवन करने के साथ डाक्टर का भी लेते रहें सलाह
चिकित्सक ने एक वार्ता के दौरान जनमानस को दी जानकारी
तेजस टूडे सं.
सुनील शर्मा
जौनपुर। मौसम का मिजाज बदल चुका है। ऐसे में तरह-तरह की बीमारियां भी पांव पसारने से पीछे नहीं हटने वाली हैं। ऐसे में जागरूक रहना बहुत जरुरी है तभी रोगों से दूर रह पाना संभव है। इसके साथ खानपान सही रखें। मौसमी सब्जी और फल का सेवन करें। बावजूद इसके कोई दिक्कत हो तो चिकित्सक से सलाह लें। यह जानकारी पीएचसी पकड़ी ब्लाक के चिकित्सक डा. राहुल सोनकर चेम्बर में आने वाले मरीजों को देखते हुए सलाह दे रहे थे।
डा. सोनकर ने पत्र—प्रतिनिधि के साथ हुई वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। साथ ही बताया कि अभी भी सुबह धूप निकलने से लेकर अस्त तक काफी गर्मी रहती है। इसके बाद शाम से लेकर रात 12 बजे तक गर्मी कुछ कम हो जाती है लेकिन इसके मौसम में नमी आ जाती है। यह नुकसानदायक भी है। यानी ठंडा-गर्म से बीमारी बढ़ने की सम्भावना बन जाती है। उन्होंने साफ तौर से जनमानस को सुझाव दिया कि सबसे पहले तो पानी का सेवन अधिक करें। आम का पना, नीबू, चीनी और पुदीना का रस, बेल का शरबत, सत्तू का सेवन करें।
उन्होंने आगे बताया कि हाथ को अच्छी तरह से धुलें, रोजाना स्नान करें। मच्छर से बचाव के लिए मच्छरदानी लगाएं। सबसे अहम जानकारी ये कि खुली हुई ऐसे पेय व खाद्य पदार्थ का सेवन बिलकुल न करें जिस पर मक्खियां बैठती हों। हल्का भोजन करें, ताकि आसानी से पच जाए। कामकाजी महिला हो या पुरुष घर से निकलते समय धूप से बचने के समय सिर को अच्छी तरह से सूती कपड़ा से ढक लें, ताकि तल्ख़ धूप से बचाव रहे। धूप में से घर या कामकाजी स्थान पर पहुंचने पर तत्काल पानी न पियें, क्योंकि ठंड-गर्म के चलते शरीर के किसी भी हिस्से में दिक्कत होने की सम्भावना बढ़ जाती है।
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