जौनपुर के वासुदेव हॉस्पिटल ने मरीज को दी नयी जिन्दगी, हुआ सफल ऑपरेशन
शुभांशू जायसवाल
जौनपुर। अक्सर गम्भीर बीमारियों के उपचार के लिये लोग बड़े शहरों का रुख करते हैं लेकिन जौनपुर का एक मामला इस धारणा को बदलता नजर आ रहा है। लखनऊ के प्रतिष्ठित केजीएमयू से बार-बार इलाज कराने के बावजूद जब राहत नहीं मिली तब जौनपुर के वासुदेव हॉस्पिटल ने एक दिव्यांग व हृदय रोगी मरीज को नई जिंदगी दे दी।
बता दें कि कुलदीप दुबे निवासी ग्राम सुल्तानपुर पोस्ट दरियागंज लम्बे समय से हर्निया, हाइड्रोसील जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। उनकी स्थिति और भी जटिल इसलिए थी, क्योंकि वह दिव्यांग होने के साथ हृदय रोग से भी पीड़ित थे। बेहतर इलाज की उम्मीद में उन्होंने कई बार लखनऊ जाकर केजीएमयू में परामर्श लिया लेकिन उन्हें वहां से संतोषजनक परिणाम नहीं मिल सका। बीमारी से परेशान और निराश हो चुके कुलदीप को किसी परिचित के माध्यम से नगर के नईगंज स्थित वासुदेव हॉस्पिटल की जानकारी मिली। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने डॉ. विकास यादव से सम्पर्क किया।
डॉ. यादव ने मरीज की स्थिति का गहन परीक्षण किया और ऑपरेशन की सलाह दी। मरीज के हृदय रोग और दिव्यांगता को ध्यान में रखते हुए इस जटिल प्रक्रिया को पूरी सावधानी और आधुनिक तकनीक के साथ अंजाम दिया गया। ऑपरेशन के दौरान डीएम कार्डियो डॉ. आनन्द सिंह की निगरानी और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राजेश त्रिपाठी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हर्निया के ऑपरेशन में आधुनिक मेष तकनीक का उपयोग किया गया जिससे मरीज को तेजी से रिकवरी मिली। तमाम जटिलताओं के बावजूद ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और कुछ ही समय में कुलदीप की हालत में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। अपना अनुभव साझा करते हुए कुलदीप दुबे ने कहा कि मैं दिव्यांग हूं और हृदय रोगी भी, इसलिए काफी डर था।
उन्होंने बताया कि लखनऊ में कई बार इलाज कराने के बाद भी मुझे राहत नहीं मिली थी। यहां आने के बाद मुझे भरोसा और सुकून दोनों मिला। डॉ. विकास यादव और उनकी टीम ने मुझे परिवार की तरह संभाला। उपचार से लेकर दवाइयों तक कहीं कोई परेशानी नहीं हुई। आज मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं और सामान्य जीवन जी रहा हूं। यह सफलता न केवल एक मरीज की जिंदगी में बदलाव लेकर आई है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जौनपुर जैसे शहरों में भी अब आधुनिक और भरोसेमंद चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। डॉ. विकास यादव और उनकी टीम की यह उपलब्धि जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है। वहीं डा. विकास ने बताया कि मरीज का हर्निया बहुत बढ़ गया था और हर्निया में बड़ी आंतड़ी उतर आयी थी लेकिन मेरी पूरी टीम की मेहनत और ऊपर वाले के आशीर्वाद से कुलदीप का जीवन बदल गया है।
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