जौनपुर। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सैनिक बंधु की बैठक हुई। इस दौरान उन्होंने पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाय तथा निस्तारण की सूचना संबंधित आवेदकों को समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाय।
जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों की समस्याओं का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सैनिकों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों द्वारा सैनिक बंधुओं की समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन ने कई मुद्दों पर उठायी आवाज
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन के संरक्षक कैप्टन अजीत पाण्डेय ने बताया कि बैठक में निम्न बातों को रखक सुझाव भी दिया गया- पूर्व सैनिक सभागार में RO +वाटर कुलर SBI द्वारा लगाना था। वह अभी तक नहीं लगा, उसे जल्द लगाने को कहा गया। हथियार के नये लाइसेन्स तथा पुराने लाइसेन्स को Renew करना जो प्रशासन द्वारा नहीं हो रहा हैं जिससे पूर्व सैनिकों को हथियार के साथ कार्य करने में दिक्कत आ रही है तथा उन्हें हथियार का Extra पैसा मिलता हैं उसे वो नही पा रहे हैं। केन्द्रीय विद्यालय में पूर्व सैनिकों के परिवार के अपने बच्चों का Admission कराने में प्रशासन द्वारा Priority देने का आग्रह।
जिलाधिकारी के आदेश होने के बाद भी तहसील लेबल पर कार्य नहीं हो रहा है जिसमें कार्यरत और पूर्व सैनिकों का कोई सुनवाई नहीं हो रही है, इसलिये जिलाधिकारी से इस पर ध्यान देने का आग्रह किया गया। आग्रह किया गया कि जिलाधिकारी तहसील के सीओ और एसडीएम के साथ तहसील के गांवों के प्रधान व लेखपालों के साथ 3 माह मे एक बार तहसील लेबल पर पूर्व फौजियों के साथ बैठक करें और उनकी समस्याओं पर सुनवाई और समाधान करें। शहर में विभिन्न समाज द्वारा सामाजिक वैठकों में पूर्व सैनिकों को भी जोडकर समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिये पहल व सम्मानित करें। समय—समय पर 75 या 80 वर्ष पूर्ण करने वाले पूर्व सैनिकों को समाज के सामने सम्मानित करने का आग्रह किया गया। वीर नारियो के अलावा उन वीर पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित करना जो देश के लिये विभिन्न युद्धों में प्रत्यक्ष रूप में थे और आज समाज के बीच उपेक्षित तौर पर है। ये सम्मान के पूरे अधिकारी है। पूर्व सैनिकों की पुरानी माँग कैंटिन के लिये उस पर पुनः विचार और कार्य करने के लिये जिलाधिकारी ने सैनिक बोर्ड को आदेश दिया। इस दौरान संगठन के तमाम पदाधिकारियों सहित जिला सैनिक बोर्ड अधिकारी विंग कमांडर राजीव रंजन, पूर्व वीर सैनिक आदि उपस्थित थे।
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