विरेन्द्र यादव
सरायख्वाजा, जौनपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के कयार गांव में एक बड़ी घटना सामने आयी जहां अचानक लगी आग ने किसानों की मेहनत को कुछ ही घंटों में राख में बदल दिया। इस भीषण आगजनी की घटना में लगभग 10 बीघा गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त गांव निवासी एवं ग्राम प्रधान शेर बहादुर यादव के खेत सहित आसपास के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। बताया जा रहा है कि लगभग 2 किलोमीटर दूर किसी अज्ञात कारण से गेहूं के डंठलों में आग लगी थी जो तेज हवा के चलते तेजी से फैलती हुई कयार गांव तक पहुंच गई। हवा की रफ्तार अधिक होने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते कई खेत इसकी चपेट में आ गये।
आग की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास करने लगे। ग्रामीणों ने बाल्टी, पंप सहित अन्य संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन तेज हवा के चलते आग लगातार फैलती रही और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। घटना की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम और दमकल विभाग की लगभग 5 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि आग लगभग 5 किलोमीटर के दायरे में फैल चुकी थी जिसे नियंत्रित करने में काफी समय और मेहनत लगी। हालांकि जब तक आग पर पूरी तरह काबू पाया गया तब तक करीब 10 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो चुकी थी।
इस घटना में ग्राम प्रधान शेर बहादुर यादव सहित 3 अन्य किसानों की फसल को भी नुकसान हुआ है। ग्राम प्रधान ने बताया कि उन्होंने पशुओं के चारे के लिए गेहूं की कटाई कुछ समय के लिए रोक रखी थी। इसकी सूचना ग्राम प्रधान ने राजस्व विभाग को दी। राजस्व विभाग ने पहुंचकर नुकसान हुए गेहूं की फसल का आकलन करने में जुट गई है।
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