सशक्त एवं समृद्ध समाज के निर्माण के लिये महिलाओं का शिक्षित होना अति आवश्यक: ममता कुमारी
जायसवाल समाज यमुनापार का 43वां होली मंगल मिलन सह परिचय सम्मेलन धूमधाम से हुआ सम्पन्न
रामजी जायसवाल
नई दिल्ली। सामुदायिक भवन वेलकम कालोनी के विशाल प्रांगण में जायसवाल समाज यमुनापार दिल्ली द्वारा 43वां होली मंगल मिलन समारोह सह युवक परिचय सम्मेलन धूमधाम से सम्पन्न हुआ। समाज की एकता और उसे एकसूत्र में बांधने का दृढ़ संकल्प लिया गया, क्योंकि सामाजिक एकता एवं जागरूकता से ही सामाजिक कुरीतियों पर नियंत्रण किया जा सकता है।
समारोह की अध्यक्षता रामहर्ष जायसवाल एवं संचालन आदित्य वर्धनम महासचिव ने किया। अतिथियों का स्वागत लोटन जायसवाल और गोपाल जी जायसवाल ने किया। सम्मेलन में हजारों स्वजातीय बन्धुओं की सपरिवार गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम को विशेष भव्यता प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलदेवता राज-राजेश्वर सहस्त्रार्जुन जी के तैल चित्र पर पुष्प एवं माल्यार्पण कर पूजा एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। मुख्य अतिथि महिलाओं के न्याय और सशक्तिकरण की सशक्त हस्ताक्षर, राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी एवं पूर्व बिहार भाजपा अध्यक्ष और लोकसभा सांसद डा. संजय जायसवाल रहे। इस मौके पर जायसवाल समाज यमुनापार दिल्ली ने सभी अतिथियों को अंगवस्त्रम, प्रतीक चिन्ह एवं उपहार देकर सम्मान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. संजय जायसवाल ने होली मिलन में अपनी उपस्थिति को अपने कलवार/वैश्य परिवार का आत्मीय हिस्सा बताया। साथ ही सभी को शुभकामना भी प्रेषित किया। अपने उद्धबोधन में कहा कि लोकतंत्र में वही जाति या वर्ग जीने का हकदार होता है जो सत्ता और राजनीति की दौड़ में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए एकजुट होकर संघर्षरत होता है। आज के इस कार्यक्रम में एकता, सम्मान और संस्कृति को संरक्षित करने का उत्सव दिखायी दे रहा है।
इसी क्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी ने अपने सम्बोधन में महिलाओं की शिक्षा, समाज में उनकी समान भागीदारी तथा सामाजिक समरसता एवं एकता की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। साथ ही कहा कि सशक्त और समृद्ध समाज के निर्माण के लिये महिलाओं का शिक्षित एवं जागरूक होना अत्यन्त आवश्यक है। यह भी उल्लेख किया कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता में निहित होती है और इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगी।
विशिष्ट अतिथि एवं सम्मानित अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी दिव्य जायसवाल (पूर्व महापौर दिल्ली), विजय भगत (पूर्व महापौर दिल्ली), प्रवीर पंकज (निदेशक भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण), नर्मदेश्वर जायसवाल (पूर्व महासचिव जायसवाल समाज दिल्ली), राजीव जायसवाल (अध्यक्ष जायसवाल समाज दिल्ली), किशोर भगत (महासचिव अखिल भारतीय कलवार कलाल कलार महासभा), पूनम चौधरी (राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष अखिल भारतीय हैहय कलचुरी महासभा), राम मनोहर जायसवाल (जोरहाट असम), निशांत जायसवाल (नागपुर), राष्ट्र कवि राधे श्याम बंधु, दयाशंकर जायसवाल, राम नारायण जायसवाल, अवधेश गुप्ता, सन्त लाल जायसवाल, शंकर लाल जायसवाल, विजय जायसवाल, राजकुमार जायसवाल, राजकुमार जायसवाल, महेश जायसवाल, रश्मि चौकशे, डा. राजेश जायसवाल, पत्रकार आरके जायसवाल, केके जायसवाल सहित दिल्ली एनसीआर के तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का उद्बोधन हुआ जिसमें सभी ने होली मिलन की शुभकामनाएं प्रेषित करते ुये कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिये प्रशंसा किया।
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी ने नारी को शिक्षित एवं समाज में बराबर की हिस्सेदारी, सामाजिक समरसता एवं एकता पर जोर देते हुये कहा कि इसका कोई विकल्प नहीं है, हमारी एकता ही एकमात्र हमारी ताकत है जिसके लिए वह निरंतर प्रत्यनशील रहेंगी।
पूर्व उप महापौर दिव्य जायसवाल एवं राजीव जायसवाल (अध्यक्ष जायसवाल समाज दिल्ली) ने कहा कि लोगों को पूरे साल इस कार्यक्रम का इंतजार रहता है जो यहां हर उम्र वह वर्ग के लोगों की सहभागिता रहती है। पूर्व उप महापौर विजय भगत ने राजनीतिक चेतन पर जोर देते हुये समाज को सशक्त बनाने हेतु सभी की राजनीतिक भागीदारी के लिए आह्वान किया। श्री नर्बदेश्वर जायसवाल, गोपाल जी जायसवाल, रश्मि चौकसे ने होली मिलन के लगातार 43वां आयोजन को सामाजिक समरसता एवं बिरादरी एकजुटता का प्रमाण बताया और भविष्य में ऐसे जबरदस्त सफल आयोजन होते रहे उसके लिए शुभकामना प्रेषित किया। स्वामी ओम प्रकाश जी ने समाज ने समाज को समर्पित कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुये सभी स्वजातीयों को तन—मन—धन से सहयोग करने का आह्वान किया।
इस दौरान समाज का दर्पण मानी जाने वाली जायसवाल संदेश स्मारिका का विमोचन उपस्थित अतिथियों द्वारा किया गया। बताया गया कि प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी विवाह योग्य युवक-युवती परिचय सम्मेलन आयोजित किया जाता है, ताकि युवा पीढ़ी को उपयुक्त जीवनसाथी चयन में सहयोग मिल सके। इस समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 151 सामाजिक कर्मयोगियों को सम्मानित किया गया। साथ ही कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मंचासीन अतिथियों द्वारा सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गयी। समाज की 11 मातृशक्तियों को उनके सामाजिक योगदान और प्रेरणादायी कार्यों के लिये सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त पेशेवर कलाकारों तथा समाज के बच्चों द्वारा प्रस्तुत झाँकी, गीत, संगीत, कविता, पाठ, लोक नृत्य जैसे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्र—मुग्ध कर दिया। वहीं जायसवाल समाज यमुनापार द्वारा उन्हें पुरुस्कृत करके उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस आयोजन की विशेषता यह रही कि यह पूर्णतः समाज द्वारा समाज को समर्पित कार्यक्रम था। जायसवाल समाज यमुनापार दिल्ली पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की परम्परा को निभाते हुए प्रत्येक वर्ष कार्यक्रम के आय-व्यय तथा सहयोगदाताओं की सूची सार्वजनिक की गयी। कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने में रामहर्ष जयसवाल (अध्यक्ष), आदित्य वर्धनम (महासचिव), अवधेश गुप्ता (कोषाध्यक्ष), दयाशंकर जायसवाल (सचिव), विजय जायसवाल (उपसचिव), आसा राम जायसवाल (उपाध्यक्ष), वीरेंद्र जायसवाल (प्रचार मंत्री), कमलेश जायसवाल (भंडार मंत्री), माता प्रसाद जायसवाल (भंडार मंत्री), अमित जायसवाल (युवा अध्यक्ष), योगेंद्र जायसवाल (युवा कोषाध्यक्ष), मुकेश जायसवाल (युवा उपाध्यक्ष), घनश्याम जायसवाल (युवा सचिव), अजय जायसवाल, रितेश जायसवाल (संगठन मंत्री), करण जायसवाल (संगठन मंत्री), संदीप जयसवाल (संगठन मंत्री), लालमणि जायसवाल, भीम जायसवाल आदि का योगदान सराहनीय रहा। अन्त में आदित्य वर्धनम महासचिव जायसवाल समाज यमुनापार दिल्ली ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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